&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Didwana News: डीडवाना में राजस्थान सरकार की 'कोई भूखा ना सोए' योजना के तहत डीडवाना जिला मुख्यालय पर चलाई जा रही अन्नपूर्णा रसोई की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. शहर में संचालित इन रसोइयों में न केवल लाभार्थियों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है, बल्कि उन्हें एक-एक घंटे इंतजार कराने के बाद भी खाना नहीं दिया जा रहा है.
भूखे पेट लौट रहे लोग
डीडवाना में चार अन्नपूर्णा रसोई चल रही हैं, लेकिन इनकी हालत खराब है. इन रसोइयों में काम करने वाले कर्मचारी अपनी मनमानी कर रहे हैं और खाना खाने आए लोगों को बेवजह परेशान कर रहे हैं. उन्हें घंटों इंतजार कराने के बाद भी भूखे पेट वापस लौटना पड़ रहा है. कर्मचारी लाभार्थियों के साथ दादागिरी कर रहे हैं और उन्हें भोजन देने से इनकार कर रहे हैं.
हाल ही में मिली शिकायतों के आधार पर जब एक टीम ने अस्पताल के पास चल रही रसोई का जायजा लिया, तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई. शाम 7 बजे से कुछ लोग खाने के इंतजार में बैठे थे. जब उन्होंने खाने के बारे में पूछा तो कर्मियों ने कहा कि रोटी आ रही है. लेकिन एक घंटे इंतजार कराने के बाद भी उन्हें खाना नहीं मिला. जब रात के 8 बज गए, तो कर्मियों ने रसोई बंद कर दी और कहा कि 8 बजे के बाद खाना नहीं मिलता, यह कोई होटल नहीं है.
प्रशासन की अनदेखी और फर्जीवाड़े का आरोप
जब एक व्यक्ति ने इस बारे में आयुक्त भगवान सिंह को फोन किया, तो उन्होंने बस स्टैंड पर दूसरी रसोई में जाकर खाने की सलाह दी, जिससे यह साफ होता है कि इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. खाना लेने आए एक व्यक्ति अमरचंद ने बताया कि वे 7 बजे से बैठे हैं, लेकिन उन्हें खाना नहीं मिला और अब रसोई बंद कर दी गई है.
सबसे गंभीर बात यह है कि सूत्रों से यह जानकारी भी सामने आई है कि कुछ कर्मचारी फर्जी टोकन जारी करके सरकार से पैसे उठा रहे हैं, जबकि जरूरतमंदों को खाना नहीं मिल रहा है. प्रशासन की खानापूर्ति वाली कार्रवाई के चलते इन कर्मियों पर कोई लगाम नहीं लगाई जा रही है, जिससे यह योजना अपने उद्देश्य से भटकती नजर आ रही है.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएं Nagaur News हर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!