चूरू: ईद को लेकर इमाम का बड़ा ऐलान, कहा-मस्जिदों में नहीं पढ़ा जाएगी नमाज

शहर इमाम नायब सैयद अबरार अहमद कादरी ने कहा कि, चूरू की सबसे पुरानी जामा मस्जिद में भी पिछले 2 महीने से वह अकेले इमाम के रूप में नमाज अदा कर रहे हैं.

चूरू: ईद को लेकर इमाम का बड़ा ऐलान, कहा-मस्जिदों में नहीं पढ़ा जाएगी नमाज
चुरू के किसी ईदगाह में ईद-उल-फितर की सामूहिक नमाज नहीं पढ़ी जाएगी.

नरेंद्र राठौड़/चूरु: राजस्थान के चूरू में इस बार ईद-उल-फितर की सामूहिक नमाज नहीं पढ़ी जाएगी. शहर इमाम नायब सैयद अबरार अहमद कादरी ने कहा कि, इस मसले पर उन्होंने जिला कलेक्टर संदेश नायक से मुलाकात की है. इसके बाद, उन्होंने शहर इमाम अबरार अहमद कादरी से चर्चा कर आम आवाम से ऐलान किया है कि, कोरोना (Corona) महामारी के चलते धार्मिक स्थल बंद होने के कारण ईद-उल-फितर की नमाज सामूहिक रूप से नहीं पढ़ी जाएगी, लोग अपने घरों में ही नमाज अदा करें.

शहर इमाम नायब सैयद अबरार अहमद कादरी ने बताया कि, लॉकडाउन (Lockdown) के साथ ही, जिला प्रशासन ने जो एडवाइजरी जारी की है, उसके मुताबिक कोरोना महामारी की वजह से धार्मिक स्थल बंद रखे जाएंगे. उसके बाद से उन्होंने सभी से ऐलान किया था कि, मस्जिदों में कोई भी नमाज पढ़ने के लिए नहीं आए और अपने घरों में ही नमाज अदा करें.
 
उन्होंने कहा कि, रमजान (Ramdan) के महीने में भी मुस्लिम भाई मस्जिदों में नमाज पढ़ने के लिए नहीं आए. सभी अपने घरों में नमाज पढ़ी. मस्जिदों में सिर्फ इमाम व मौलवियों ने ही नमाज अदा की थी. उन्होंने कहा कि, हर बार ईद-उल- फितर की सामूहिक नमाज मरकजी पुरानी ईदगाह में नमाज होती है. लेकिन इस बार मरकजी पुरानी ईदगाह में या अन्य किसी ईदगाह में ईद-उल-फितर की सामूहिक नमाज नहीं पढ़ी जाएगी. क्योंकि कोरोना महामारी का दौर चल रहा है. इसमें सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का पालन सभी को करना है.

शहर इमाम नायब सैयद अबरार अहमद कादरी ने कहा कि, चूरू की सबसे पुरानी जामा मस्जिद में भी पिछले 2 महीने से वह अकेले इमाम के रूप में नमाज अदा कर रहे हैं. रात्रि में जो तराबी होती हैं, उसमें सिर्फ 3 लोग शामिल होते हैं और 3 लोग  तराबी की नमाज पढ़ते हैं. शहर इमाम नायब सैयद अबरार अहमद कादरी के ऐलान के बाद, अब ईद-उल-फितर की नमाज ईदगाह में नहीं पढ़ी जाएगी और लोग अपने घरों में ही सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए नमाज पढ़ेंगे.