राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर गहलोत सरकार ने बांटी कई सुविधाएं, नहीं होंगे अब ठगी के शिकार

नियम बनने के साथ ही नया कानून लागू हो जाएगा लेकिन आज भी लोग जागरूकता की कमी के लिए ठगी का शिकार हो रहे हैं.

राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर गहलोत सरकार ने बांटी कई सुविधाएं, नहीं होंगे अब ठगी के शिकार
उपभोक्ता संरक्षण अधिकारी कार्यालय में बाकायदा उपभोक्ता परामर्श केन्द्र खोले जाएंगे.

जयपुर: राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस (National Consumer Day) पर इंदिरा गांधी पंचायतीराज संस्थान में उपभोक्ता मामला विभाग (Consumer Affairs Department) की ओर से राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया. इसमें प्रदेश में उपभोक्ता मामलों में न्याय की आस लगाने वाले जरूरतमंद लोगों को 1500 रुपये की आर्थिक सहायता सरकार देगी. इसके लिए संभागीय उपभोक्ता संरक्षण अधिकारी कार्यालय में बाकायदा उपभोक्ता परामर्श केन्द्र खोले जाएंगे.

33 साल बाद उपभोक्ताओं के हित के लिए उपभोक्ता संरक्षण कानून (Consumer protection law) बदल गया. उपभोक्ता संरक्षण कानून-1986 को निरस्त कर नया उपभोक्ता संरक्षण कानून-2019 पारित हो चुका है. नियम बनने के साथ ही नया कानून लागू हो जाएगा लेकिन आज भी लोग जागरूकता की कमी के लिए ठगी का शिकार हो रहे हैं. राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस हर साल जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर पर मनाया जाता है लेकिन आज भी ऑनलाइन के जमाने में आम उपभोक्ता जागरूकता के अभाव में ठगी का शिकार हो रहा है, यह कहना है खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश मीना का. 

बड़े-बड़े हॉल में इस तरह के आयोजनों में बड़ी-बड़ी जागरूकता की बातें की जाती हैं लेकिन ये चर्चा एक दिन में यहीं सिमट तक रह जाएगी लेकिन ग्रास रूट और ग्राम पंचायतों तक आज भी लोग जागरूक नहीं हैं. मैं खुद 20 से ज्यादा जिलों का दौरा कर चुका हूं लेकिन लोगों को आज भी नहीं पता कि उनकों न्याय कहां से मिलेगा. गांवों-कस्बों तक इस चर्चा और जागरूकता को पहुंचाना होगा, जिससे लोग जागरूक हो सके. मीना ने बताया कि उन्होंने अपने विभाग की लीगल मेट्रोलॉजी टीम से पेट्रोल पंपों का निरीक्षण करवाया तो सभी जगह गड़बड़ी मिली हालांकि बीपीएल परिवार और स्टेट बीपीएल और अंतोदय परिवारों को उपभोक्ता कोर्ट में केस लड़ने के लिए 1500 रुपये परिवाद फीस राज्य सरकार की ओर से देने की घोषणा की.

ये हुई घोषणाएं
1- बीपीएल परिवार और स्टेट बीपीएल और अंतोदय की परिवाद फीस राज्य सरकार द्वारा जमा कराई जाएगी. विभाग से प्रत्येक संभागीय उपभोक्ता संरक्षण अधिकारी कार्यालय-Dso कार्यालय को प्रत्येक परिवार पर स्टेशनरी मुद्रण में परिवाद फीस और पैरवी के लिए विभागीय अधिकारी और VCO को 1500 रूपए प्रत्येक परिवाद फीस का भुगतान किया जाएगा.
2- पीड़ित असंतुष्ट उपभोक्ताओं की ओर से संबंधित जिला मंच आयोग में परिवाद कर उसे अनुतोष प्रदान करने के लिए संभागीय उपभोक्ता संरक्षण अधिकारी कार्यालय के तहत उपभोक्ता परामर्श केंद्र विकसित किया जाएगा.
3- राज्य सरकार द्वारा पीडीएस लाभार्थियों को अधिकाधिक संख्या में राशन दुकानों से राशन प्राप्त करने के प्रोत्साहन करने हेतु परियोजना को शुरू किया जाएगा. प्रत्येक एफपीएस पर लॉटरी कार्यक्रम आयोजित करवाया जाएगा.
सभी उपभोक्ताओं की राशन पर्ची के आधार पर लॉटरी कार्यक्रम में विजेता उपभोक्ता को 200 से 300 तक का इनाम दिया जाएगा और सबसे अधिक उपभोक्ता वाली एफपीएस को प्रोत्साहन हेतु प्रमाण पत्र दिया जाएगा.
4-उपभोक्ताओं की शिकायतों के निवारण के लिये मध्यस्थता सेल काम करेगी, जिससे लोगों को लाभ मिलेगा.

उधर राज्यमंत्री सुखराम विश्वनोई ने कहा कि उपभोक्ता जहां से वस्तु खरीदता है, उनकों बिल नहीं दिया जाता. उपभोक्ता को जीएसटी लगाने की बात कहकर डरा दिया जाता है. व्यापारी बोलता है कि बिल लेगा तो जबाव मिलता है जीएसटी लगेगी. बिल नहीं लेने से सबसे ज्यादा किसान ठगा जा रहा है. ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर पर अभियान चलाकर और ग्राम पंचायतों में उपभोक्ता संरक्षण कानून के बारे में जानकारी देने की जरूरत है. हम जागरूक होंगे तभी ही ठीक वस्तु ले पाएंगे. ग्रामीण स्तर और छोटे शहरों में इसका प्रचार नहीं होने से लोग ठगे जा रहे हैं. हर पंचायत स्तर पर नए एक्ट पर चर्चा को बढ़ाया जाए, जिससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी.

उधर उपभोक्ता मंचों के अध्यक्षों ने कार्यक्रम में अपने कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी की भी बात कही, जिसके कारण न्याय मिलने में लोगों को देरी हो रही है. इस पर मंत्री रमेश मीना ने कहा कि परिवादियों को न्याय जल्द से जल्द मिलना चाहिए. 21 दिन और 90 दिन तक इंतजार नहीं करें. वैसे भी राजस्थान पूरे देश में उपभोक्ताओं की शिकायतों के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है.

बहरहाल, उपभोक्ता के लिये कई नए कानून बने हैं. कानून काफी कठोर हैं और उपभोक्ताओं को इनसे फायदा मिलेगा. नया एक्ट केवल यहां चर्चा तक सीमित नहीं रह जाए, इसे धरातल पर उतारने में सभी को योगदान देना होगा. ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामले पर हमें ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी.