इस तारीख से पर्यटकों के लिए बंद रहेंगे नेशनल पार्क, 3 महीने बाद होगा बाघों का दीदार

बाघों सहित अन्य वन्यजीवों का दीदार करने के लिए पर्यटकों को 3 महीने का लंबा इंतजार करना होगा. 

इस तारीख से पर्यटकों के लिए बंद रहेंगे नेशनल पार्क, 3 महीने बाद होगा बाघों का दीदार
रणथंभौर और सरिस्का नेशनल पार्क 1 जुलाई से अगले तीन माह के लिए बंद हो जाएंगे.

रोशन शर्मा, जयपुर: राजस्थान सहित देश के विभिन्न हिस्सों में मौजूद नेशनल पार्क 1 जुलाई से बंद होने जा रहे हैं. 1 जुलाई से नेशनल पार्क में घूमने वाले पर्यटकों के लिए ये पार्क बंद रहेंगे. बाघों सहित अन्य वन्यजीवों का दीदार करने के लिए पर्यटकों को 3 महीने का लंबा इंतजार करना होगा. 

रणथंभौर और सरिस्का नेशनल पार्क 1 जुलाई से अगले तीन माह के लिए बंद हो जाएंगे. राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की गाइड लाइन के अनुसार मानसून सीजन में नेशनल पार्कस को बंद रखा जाता है. मानसून सीजन के दौरान वन्यजीवों की ब्रीडिंग के चलते जंगल को बंद रखने के आदेश हैं ताकि कम से कम तीन महीने जंगल और जंगली जीवों को गाड़ियों और टूरिस्ट के दखल से बचाया जा सके. ऐसे में राजस्थान वन विभाग नें 1 जुलाई से प्रदेश के नेशनल पार्कस को बंद रखने का फैसला लिया है. 

रणथंभौर नेशनल पार्क का जोन नम्बर-01 से 5 तक पूरी तरह बंद रहेंगे हालांकि इस दौरान रणथंभौर नेशनल पार्क के जोन 06 से 10 खोले जाएंगे. तो वहीं सरिस्का नेशनल पार्क भी पूरी तरह से बंद रहेगा. सरिस्का नेशनल पार्क में पाण्डूपोल मंदिर की ओर जाने वाले जोन को ही पर्यटकों के लिए खुला रखा जाएगा. इन दोनों नेशनल पार्क में नए पर्यटक सीजन की शुरुआत एक अक्टूबर से होगी. आपको बता दें कि बरसात का सीजन वन्यजीवों की मेटिंग के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है. इसलिए मानसून सीजन के दौरान नेशनल पार्क को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया जाता है.

कोरोना ने इको टूरिज्म को किया खत्म
कोरोना संक्रमण के चलते राजस्थान में इको टूरिज्म मानो खत्म सा हो गया है. कोरोना लॉकडाउन के चलते 18 मार्च से ही नेशनल पार्कों को बंद करने का फैसला लिया गया था. करीब 70 दिनों तक सरिस्का और रणथंभौर सहित प्रदेश के नेशनल पार्क और सफारी जंगल बंद रहे, जिसके बाद पर्यटकों की सख्या में भी भारी कमी देखने को मिली है. अप्रैल, मई, जून पर्यटन के लिहाज से पीक माना जाता है. ऐसे में इस समय में कोरोना ने पूरे ट्यूरिजम सेक्टर को खत्म करके रख दिया. अब मानसून सत्र के चलते 1 जुलाई से फिर नेशनल पार्कों को बंद किया जा रहा हैं. 

ईको ट्यूरिजम इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि ये वर्ष 2020 तो ऐसे ही चला गया पहले कोरोना संक्रमण के चलते ट्यूरिजम व्यवसाय प्रभावित रहा और पर मानसून के चलते नेशनल पार्क बंद हो गए हैं. ऐसे में होटल और टूरिस्ट इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा होता नजर आ रहा हैँ.