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जयपुर: PHED की लापरवाही का आलम, गर्मियों के बाद मिलेगा ट्यूबवेल से पानी

विभाग को 732 ट्यूबवेल अप्रैल तक खोदने थे, लेकिन अब तक हो रही देरी के कारण इन सभी ट्यूबवेल्स से आम लोगों को जुलाई के महीने में ही पानी की आपूर्ति हो पाएगी.

जयपुर: PHED की लापरवाही का आलम, गर्मियों के बाद मिलेगा ट्यूबवेल से पानी
शहर में ट्यूबवेल्स खोदने का काम 20 जुलाई तक पूरा हो पाएगा. (प्रतीकात्मक फोटो)

जयपुर: भीषण गर्मी के मौसम में पीएचइडी विभाग की लापरवाही का खामियाजा जयपुर शहर के आम लोगों को भुगतना पड़ सकता है. जलदाय विभाग ने बीसलपुर बांध में पानी की कमी को देखते हुए ट्यूबवेल खोदने का फैसला लिया था. लेकिन अब पीएचइडी विभाग ट्यूबवेल खोदने का काम गर्मियों के बाद शुरू करेगा. 

आपको बता दें कि, बीसलपुर बांध में पानी की आवक कम होने के कारण पीएचईडी ने शहर में कई जगह ट्यूबवेल खोदकर पानी की किल्लत को दूर करने का फैसला लिया था. जिसमें विभाग को सभी 732 ट्यूबवेल अप्रैल तक खुदने थे, लेकिन अब तक हो रही देरी के कारण इन सभी ट्यूबवेल्स से आम लोगों को जुलाई के महीने में ही पानी की आपूर्ति हो पाएगी. बताया जा रहा है कि सारे ट्यूबवेल्स का कार्य 20 जुलाई तक पूरा हो पाएगा.

67 लाख लीटर पानी का हो सकता है प्रबंध
सूत्रों के अनुसार, जयपुर में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए 732 ट्यूबवेल स्वीकृत हुए थे, जिनमें से 279 ट्यूबवेल्स को जलाशयों से सीधा जोड़ा जाना था. जिसमें से अब तक महज 173 ट्यूबवेल खोदे गए है और 103 चालू हो पाया है. इन चालू ट्यूबवेल के माध्यम से 167 लाख लीटर पानी का प्रबंध किया जा सकता है. 

453 ट्यूबवेल को करना था शुरू
वहीं, जयपुर शहर के पानी के प्रेशर की समस्या से से जुझने वाले इलाकों में 453 ट्यूबवेल को शुरू करना था. लेकिन अब तक सिर्फ 142 ट्यूबवेल खोदा जा सका है. जिसमें 68 ट्यूबवेल चालू हुआ है. इससे जयपुर शहर को 97 लाख लीटर पानी की आपूर्ति हो पा रही है. 

अब तक ट्यूबवेल खोदने का काम पूरा ना होने के बावजूद जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता देवराज सौलंकी ने पानी की कमी दूर होने का दावा किया है.