4 साल बाद भी राजस्थान यूनिवर्सिटी में नहीं पूरा हुआ नई सेंट्रल लाइब्रेरी का काम...

समय के साथ-साथ लाइब्रेरी की लागत भी बढ़कर करीब 17 करोड़ रुपये को पार कर गई तो वहीं बीते 8 महीनों से कोरोना के चलते नई लाइब्रेरी का काम ठंडे बस्ते में पड़ा है.

4 साल बाद भी राजस्थान यूनिवर्सिटी में नहीं पूरा हुआ नई सेंट्रल लाइब्रेरी का काम...
बीते 8 महीनों से कोरोना के चलते नई लाइब्रेरी का काम ठंडे बस्ते में पड़ा है.

जयपुर: राजस्थान विश्वविद्यालय में 7 जुलाई 2016 को नई सेंट्रल लाइब्रेरी का जोर-शोर से शिलान्यास किया गया था. 11 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इस लाइब्रेरी का काम 1 साल में पूरा होना था लेकिन करीब 4 साल से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक लाइब्रेरी को पूरा होने का इंतजार है.

समय के साथ-साथ लाइब्रेरी की लागत भी बढ़कर करीब 17 करोड़ रुपये को पार कर गई तो वहीं बीते 8 महीनों से कोरोना के चलते नई लाइब्रेरी का काम ठंडे बस्ते में पड़ा है.

राजस्थान विश्वविद्यालय अब जल्द ही नई सेंट्रल लाइब्रेरी का काम पूरा के साथ अगले सत्र से इसके उद्घाटन की योजना बना रहा है. इसको लेकर राविवि के नए कुलपति प्रोफेसर राजीव जैन ने विवि के अधिकारियों को निर्देश भी दे दिए हैं.

राविवि कुलपति राजीव जैन का कहना है कि नई सेंट्रल लाइब्रेरी का काम लगभग पूरा हो चुका है. अगर कोरोना का प्रकोप नहीं होता तो इस साल विद्यार्थियों को नई लाइब्रेरी की सौगात मिल जाती लेकिन परिस्थितियों पर किसी का जोर नहीं चलता. ऐसे में अगले 2 महीनों में लाइब्रेरी के काम को अंतिम रूप दिया जाएगा और जल्द ही विद्यार्थियों को नई सेंट्रल लाइब्रेरी की सौगात दी जाएगी.