राजस्थान: मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए EC की अनूठी पहल, बनाए आदर्श मतदान केंद्र

मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि महिलाओं, दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के मत प्रतिशत को बढ़ाने के लिए कई सुविधाएं भी इस बार दी गई है.

राजस्थान: मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए EC की अनूठी पहल, बनाए आदर्श मतदान केंद्र
चुनाव आयोग ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए की है विशेष तैयारी

भरत राज, जयपुर: लोकतंत्र में चुनाव को महापर्व माना जाता है. लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदाताओं की अधिक से अधिक भूमिका हो, इसके लिए निर्वाचन विभाग ने अपनी तरफ से कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है. इस बार के विधानसभा चुनाव में हर एक विधानसभा क्षेत्र में एक महिला फ्रेंडली और दूसरा आदर्श मतदान केंद्र बनाया गया है. इन महिला फ्रेंडली पोलिंग बूथ की खास बात यह है कि यहां पर सिर्फ महिलाओं को तैनात किया है.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार की माने तो महिलाओं, दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के मत प्रतिशत को बढ़ाने के लिए कई सुविधाएं इस बार की गई है. इसके साथ ही दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी विशेष सुविधाएं की गई है.

जानिए क्या खास है महिला फ्रेंडली बूथ में

- महिला फ्रेंडली बूथ पर सभी कर्मचारी महिलाएं रहेगी

- जिसमें मतदानकर्मी और पुलिसकर्मी भी महिलाएं रहेंगी

- महिलाओं के लिए अलग से लाइन की व्यवस्था रहेगी

- महिलाओं को सुरक्षा और सहयोग के लिए महिला वॉलंटियर रहेंगे

जानिए आदर्श मतदान केंद्र पर क्या रहेगी सुविधा

- रैंप की सुविधा

- महिला-पुरूषों के लिए अलग-अलग शौचालय

- वरिष्ठ नागरिकों के बैठने के लिए छाया की सुविधा

- मतदाताओं की मदद के लिए वॉलंटियर 

- मतदान केंद्र पर बिजली की सुविधा

इसके अलावा निर्वाचन विभाग की आेर से मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए कई अन्य प्रयास किए गए हैं. उसमें फोटोयुक्त मतदाता पर्ची का नवाचार प्रमुख है.  वोटर स्लिप को लेकर पिछली बार मतदाताओं मैं जबरदस्त उत्साह के मद्देनजर इस बार इस पर्ची के कई फीचर बढ़ाए गए हैं. मतदाताओं के घर ये पर्ची पहुंच गई है. 

इस बार मतदाता पर्ची पर हेल्पलाइन नंबर्स, मतदान केंद्र का नाम अंकित है. हैल्पलाइन के जरिए मतदाता शिकायत,आपत्तियां या सुझाव भी दे सकता है. पिछले विधानसभा चुनाव में फोटो मतदाता पर्ची को लेकर मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला था. इसी उत्साह के चलते पिछली बार 75 फ़ीसदी वोटिंग सुनिश्चित हो पाई थी. ऐसे में इस बार मतदाता पर्चियों के साथ इसमें फीसर्च भी बढ़ाए गए हैं.