सिरोही पुलिस की नई पहल, अब पांच दिन में परिवादी की सुनवाई का होगा निस्तारण

सिरोही पुलिस कप्तान ने एक नई पहल शुरू कर दी है, जिसमें एसपी ऑफिस या फिर थाने में आने वाले परिवाद का पांच दिन में निस्तारण करना होगा. 

सिरोही पुलिस की नई पहल, अब पांच दिन में परिवादी की सुनवाई का होगा निस्तारण
एसपी पूजा अवाना

सिरोही: अब राजस्थान के सिरोही पुलिस कप्तान ने एक नई पहल शुरू कर दी है, जिसमें एसपी ऑफिस या फिर थाने में आने वाले परिवाद का पांच दिन में निस्तारण करना होगा. इसके लिए खुद एसपी पूजा अवाना परिवादी से फीडबैक ले रही है. सिरोही में पुलिस अधीक्षक पूजा अवाना ने एक नई पहल शुरू की है. अब परिवादी उनको पुलिस थाने और एसपी ऑफिस के चक्कर नहीं काटने होंगे. एसपी ऑफिस या फिर थाने में आने वाले परिवाद का पांच दिन में निस्तारण करना होगा. इसके लिए खुद एसपी पूजा अवाना परिवादी से फीडबैक ले रही हैं.

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इतना ही नहीं, बीट कांस्टेबल के हर महीने के काम का भी रिव्यू होगा. दरअसल, हाल ही में एसपी अवाना ने पुलिस विभाग में परिवाद को लेकर इनके निस्तारण के आदेश दिए थे. इसके लिए परिवाद आने के बाद पांच दिन में ही उनका निस्तारण करना होगा. इसके लिए बाकायदा अलग से सेल बना रखी है, जहां से परिवादी से बात की जा रही है. खुद एसपी इन परिवादियों को फोन कर पुलिस की कार्यप्रणाली से कितने संतुष्ट हुए और क्या समस्या आ रही है उनका भी फीडबैक ले रही है.
 
एसपी पूजा अवाना ने बताया कि परिवादी को कोई परेशानी न हो इसके लिए वे खुद उनसे फीडबैक ले रही हूं। पांच दिन में ही परिवाद के निस्तारण के लिए निर्देश दिए हैं. इसके अलावा बीट कांस्टेबल के महीने भर के काम का रिव्यू कर उन्हें सम्मानित भी किया जा रहा है. प्रतिदिन वे क्या काम कर रहे हैं, उसकी भी रिपोर्ट उन्हें रखनी होगी. कोरोना जागरूकता को लेकर भी अभियान की शुरुआत की है. थाना स्तर पर मास्क वितरण व जागरूकता संदेश दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि अभी तक करीब 100 से ज्यादा परिवादियों से फीडबैक लिया जा चुका है और अधिकांश पुलिस की कार्यप्रणाली से संतुष्ट है. जहां समस्या आ रही है वहां संबंधित थानाधिकारी या फिर जांच अधिकारी को निर्देशित किया जा रहा है.

पुलिस विभाग में बीट स्तर पर कार्यप्रणाली को सुधारने के लिए अब उनके हर महीने के काम का रिव्यू किया जा रहा है. इसके अलावा संबंधित बीट कांस्टेबल को हर दिन उसके काम का लेखा-जोखा भी रखना होगा. इसके लिए बाकायदा एसपी की ओर से परफाॅर्मा तैयार किया गया है. इसी के आधार पर महीने के काम का रिव्यू करने के बाद बेहतर काम करने वाले कांस्टेबल को सम्मानित किया जा रहा है, जिनके काम में सुधार नहीं है उनकी काउंसलिंग की जा रही है.

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