कोरोना के चलते जयपुर एयरपोर्ट पर लागू हुए नए नियम, बिना निगेटिव रिपोर्ट एंट्री बंद

एयरपोर्ट प्रबंधन के मुताबिक आगामी दिनों में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, किशनगढ़, जैसलमेर एयरपोर्ट पर भी यात्री सुरक्षा हेतु जांच के लिए कई बदलाव किए जा रहे हैं, जिसकी सूचना ​एयरलाइंस कंपनियां यात्रियों को उपलब्ध करवा रही है. 

कोरोना के चलते जयपुर एयरपोर्ट पर लागू हुए नए नियम, बिना निगेटिव रिपोर्ट एंट्री बंद
प्रतीकात्मक तस्वीर.

दामोदर प्रसाद, जयपुर: हवाई सफर करने वाले यात्रियों को मुंबई जाने के लिए कोरोना टेस्ट नेगेटिव रिपोर्ट साथ रखनी होगी. 72 घंटे पहले की कोरोना जांच एयरपोर्ट पर दिखानी होगी. 25 नवंबर यानी आज से जयपुर एयरपोर्ट से नया नियम लागू होगा. देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस तरह का निर्णय लिया गया.

देशभर में दिवाली बाद बढ़ते कोरोना संक्रमितों के मामले के बाद राज्य सरकार की ओर से अलग-अलग फैसले जनहित में लिए जा रहे हैं. अब मुंबई में हवाईयात्रा करने से पूर्व दिल्ली, राजस्थान, गोवा और गुजरात से आने वालों के लिए आरटी-पीसीआर जांच अनिवार्य कर दी गई है. जिन यात्रियों की आरटी-पीसीआर जांच निगेटिव होगी, वही, राज्य में प्रवेश कर सकेंगे. 

इन चार राज्यों से महाराष्ट्र आने वालों को अपने साथ कोरोना की रिपोर्ट भी लानी होगी. जयपुर एयरपोर्ट से यह नियम 25 नवंबर से लागू होगा. एयरपोर्ट प्रबंधन के मुताबिक आगामी दिनों में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, किशनगढ़, जैसलमेर एयरपोर्ट पर भी यात्री सुरक्षा हेतु जांच के लिए कई बदलाव किए जा रहे हैं, जिसकी सूचना ​एयरलाइंस कंपनियां यात्रियों को उपलब्ध करवा रही है. 

इन चार राज्यों से आने वाले जिन लोगों के पास कोरोना जांच रिपोर्ट नहीं होगी, उनके यहां पहुंचने पर जांच कराई जाएगी. इस जांच का खर्च भी संबंधित यात्री से ही वसूला जाएगा. नए दिशा-निर्देश के मुताबिक विमान से आने वाले यात्रियों को 72 घंटे पहले और रेल यात्रियों को 96 घंटे पहले तक जांच कराने की छूट होगी. एयरपोर्ट पर एयरपोर्ट अथॉरिटी रिपोर्ट की जांच करेगी.

नियमों के मुताबिक आरटी-पीसीआर का नमूना महाराष्ट्र पहुंचने तक 72 घंटे से अधिक पहले का नहीं होना चाहिए, जिनकी आरटी-पीसीआर जांच नहीं होगी, उनकी राज्य के एयरपोर्ट पर ही जांच की जाएगी. उसके बाद एयरपोर्ट ऑपरेटर यात्रियों की जांच के बाद उनका नंबर और पता लेकर उन्हें जाने की इजाजत देगा और नमूना पॉजिटिव आने पर स्वास्थ्यकर्मी उनसे संपर्क करेगा और कोरोना मरीजों के नियमों के तहत उनका इलाज किया जाएगा. इन आदेशों को पालन कराने की जिम्मेदारी संबंधित मुंबई महानगर पालिका आयुक्त की होगी.