जयपुर: नई तकनीक से लैश होगी बैंक कैश को ATM तक ले जाने वाली वैन

 राजस्थान में अभी निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कैश को एटीएम तक ले जाने के लिए पुलिस और प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों की सहायता ली जाती है लेकिन इनके संचालन के लिए कोई मानक प्रक्रिया निर्धारित नहीं है. 

जयपुर: नई तकनीक से लैश होगी बैंक कैश को ATM तक ले जाने वाली वैन
वैन में सुरक्षा के लिए सशस्त्र गार्ड के साथ तीसरी आंख का भी पहरा रहेगा.

विष्णु शर्मा, जयपुर: बैंकों से एटीएम तक ले जाने वाले कैश को पूरी तरह सुरक्षित रखने को लेकर राजस्थान में पहली बार नए नियम बनाए गए हैं. नए नियमों के मुताबिक, विशेष रूप से डिजाइन और तैयार की गई वैन से ही एटीएम तक कैश को ले जाया जा सकेगा. 

वैन में सुरक्षा के लिए सशस्त्र गार्ड के साथ तीसरी आंख का भी पहरा रहेगा. राज्य कैबfनेट की मुहर लगने के बाद जल्द ही नए नियम लागू हो जाएंगे.

क्या खास होगा नए नियमों में ?
जानकारी के अनुसार, राजस्थान में अभी निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कैश को एटीएम तक ले जाने के लिए पुलिस और प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों की सहायता ली जाती है लेकिन इनके संचालन के लिए कोई मानक प्रक्रिया निर्धारित नहीं है. 

हाल ही कैश वैन और कैश इंटरनल कक्षों पर हमले, एटीएम कर्मचारियों के राशि गबन करने जैसी घटनाओं के बाद गृहमंत्रालय ने द प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी एक्ट 2005 की धारा 24 के तहत प्राइवेट सिक्योरिटी टू कैश ट्रांसपोर्टेशन एक्टिविटी रूल्स 2018 जारी किए हैं. इसके बाद मंत्रालय ने राज्य सरकारों से भी एक्ट की धारा 25 के तहत नियम बनाने के निर्देश दिए हैं. जिसके तहत राजस्थान सरकार भी राजस्थान प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसीज (प्राइवेट सिक्योरिटी टू केश ट्रांसपोर्टेशन एक्टिविटी) रूल्स 2019 जारी कर रही है.

कैश वैन में क्या खासियत होगी ?
जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार की ओर से बनाए गए नए नियमों में सुरक्षित वैन के साथ-साथ सिक्योरिटी एजेंसी और वैन में तैनात कर्मचारियों पर खास ध्यान रखा गया है. नई वैन में तैनात होने वाले रोकड़ कर्मचारी से लेकर सुरक्षा गार्ड को पूरी जांच के बाद ही रखा जाएगा, जिससे कोई अनहोनी से बचा जा सके. साथ ही एटीएम में रुपये डालने का समय भी तय किया गया है.

कर्मचारी यूनियन ने लंबे समय से की थी मांग
बैंक कर्मचारी यूनियन नेता सूरजभान आमेरा के मुताबिक सरकार ने एक्ट में परिवर्तन के बाद जो नियम बनाए हैं, वो स्वागत योग्य हैं. कर्मचारी यूनियन लंबे समय से इसकी मांग करती आ रही थी. अब सरकार ने ये नियम बनाए हैं जिससे बैंकों की राशि तो बचेगी ही साथ ही लोगों को भी लाभ होगा.

Edited by : Laxmi Upadhyay, News Desk