पहलू खां लिंचिंग केस: परिजनों ने फिर पेश की अपील, लगाई बरी लोगों को जेल में रखने की गुहार

अपील में एडीजे कोर्ट, अलवर के बीते 14 अगस्त के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत कोर्ट ने पहलू खां की हत्या के मामले में 6 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया था. 

पहलू खां लिंचिंग केस: परिजनों ने फिर पेश की अपील, लगाई बरी लोगों को जेल में रखने की गुहार
राजस्थान हाईकोर्ट ने पहलू खां मॉब लिंचिंग मामले में निचली अदालत का रिकॉर्ड तलब किया है.

महेश पारीक, जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan Highcourt) ने पहलू खां मॉब लिंचिंग (Pehlu Khan Mob Lynching) मामले में निचली अदालत का रिकॉर्ड तलब किया है. न्यायाधीश महेंद्र माहेश्वरी और न्यायाधीश गोवर्धन बाढ़दार की खंडपीठ ने यह आदेश इरशाद और राज्य सरकार की ओर से दायर अपीलों पर संयुक्त रूप से सुनवाई करते हुए दिया.

अपील में एडीजे कोर्ट, अलवर के बीते 14 अगस्त के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत कोर्ट ने पहलू खां की हत्या के मामले में 6 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया था. अपीलार्थी ने परिजनों की ओर से अपील के साथ एक प्रार्थना पत्र भी पेश कर बरी किए लोगों को गिरफ्तारी वारंट से तलब कर अपील के निस्तारण तक जेल में रखने की गुहार की है. 

मामले के अनुसार, एक अप्रैल 2017 को पहलू खां और उसके बेटे गायों को लेकर जा रहे थे. बहरोड़ थाना इलाके में कुछ लोगों ने गौ तस्करी का आरोप लगाते हुए उसके साथ मारपीट की थी. वहीं चार अप्रैल को इलाज के दौरान पहलू खां की मौत हो गई थी.

मामले में पुलिस ने बाल अपचारी सहित छह अन्य विपिन यादव, रविन्द्र कुमार, कालूराम, दयानंद, भीम राठी और योगेश कुमार को आरोपी माना था. पुलिस की ओर से पेश आरोप पत्र पर सुनवाई करते हुए अदालत ने गत 14 अगस्त को सभी छह आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया था.