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गेहूं घोटाले में गबन की आरोपी निर्मला मीणा को मिली बड़ी राहत, गहलोत सरकार ने किया बहाल

नए परिवारों को आनलाइन नहीं किया गया था. जांच में सामने आया था कि नए परिवार फर्जी नाम-पते से जोड़े गए थे.

गेहूं घोटाले में गबन की आरोपी निर्मला मीणा को मिली बड़ी राहत, गहलोत सरकार ने किया बहाल
निर्मला मीणा को 11 अक्टूबर 2017 को 8 करोड़ के गेहूं घोटाले के आरोप में सरकार ने निलंबित किया था.

जयपुर: गेहूं घोटाले का आरोप झेल रही आईएएस निर्मला मीणा को गहलोत सरकार ने बड़ी राहत दी है. कार्मिक विभाग की तरफ से जारी आदेश में निलंबित चल रही निर्मला मीणा को बाहर कर दिया गया है. निर्मला मीणा पर जोधपुर में रसद अधिकारी रहते हुए 35,000 क्विंटल से अधिक गेहूं के गबन का आरोप है जिसकी एसीबी भी जांच कर रही है. 

यह है मामला
जोधपुर में जिला रसद अधिकारी रहते हुए निर्मला मीणा के कार्यकाल में 35 हजार क्विंटल गेंहू के गबन का आरोप है. एसीबी की जांच में सामने आया है कि तत्कालीन जिला रसद अधिकारी मीणा ने सिर्फ मार्च, 2016 में 33 हजार परिवार नए जोड़े और उच्च अधिकारियों को स्वयं की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में अंकित कर 35 हजार 20 क्विंटल गेंहू अतिरिक्त मंगवाया गया. 

नए परिवारों को आनलाइन नहीं किया गया था. जांच में सामने आया था कि नए परिवार फर्जी नाम-पते से जोड़े गए थे. इनके हिस्से के गेंहू को आटा मिल मालिकों सुरेश उपाध्याय और स्वरूप सिंह के पास भिजवा दिया गया था. एसीबी की जांच में मीणा पर गबन के आरोप साबित होने के बाद सरकार ने उसे निलम्बित कर दिया था. जांच के दौरान आटा मिल मालिक स्वरूप सिंह राजपुरोहित ने भी स्वीकार किया था कि उसने 105 ट्रक में 10 हजार 500 क्विंटल गेंहू की मीणा के साथ मिलकर कालाबाजरी की थी.

निर्मला मीणा को 11 अक्टूबर 2017 को 8 करोड़ के गेहूं घोटाले के आरोप में सरकार ने निलंबित किया था. अब सरकार ने अखिल भारतीय सेवा एवं अपील नियम 1969 के तहत जांच कार्यवाही को प्रभावित किए बिना निलंबित बहाली के आदेश जारी किए हैं.