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जयपुर: रक्षाबंधन से पहले मिठाईयों में मिलावट बड़े पैमाने पर जारी, अधिकारी नदारद

प्रदेश सरकार मिलावटखोरी रोकने का लगातार दावा करे लेकिन अधिकारियों की गैरमौजूदगी बहुत कुछ कहती दिख रही है.

जयपुर: रक्षाबंधन से पहले मिठाईयों में मिलावट बड़े पैमाने पर जारी, अधिकारी नदारद
अधिकारियों ने इस संबंध में प्रक्रिया शुरू होने की बात कही है. (फाइल फोटो)

जयपुर: रक्षाबंधन आने के पहले अगर आप मिठाईयां खरीदने जा रहे हैं तो आपको सावधान होने की जरुरत है. त्योहार के मौसम के दौरान मिलावटखोर आपकी सेहत के साथ खिलवाड़ करने के लिए तैयार है.

वैसे प्रदेश में शुद्ध के लिए युद्ध जैसे अभियान चलने के बावजूद मिलावट को रोकने का दावा पूरी तरह गलत साबित हो रहा है. इस दौरान संबंधित अधिकारी मीडिया के सवालों से बचते नजर आ रहे हैं.

4 दिन से रुका हुआ है काम
मिल रही खबर के अनुसार, रक्षाबंधन के मौके पर पिछले 4 दिन से खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने का काम ठप पड़ा है. जिसके चलते मिलावट के अभियान पर ब्रेक लगा हुआ है. जबकि रक्षाबंधन पर प्रदेश में बड़े स्तर पर मिलावट का अंदेशा रहता है. फूड सेफ्टी एक्ट लागू होने के 8 साल में भी फुल टाइम डीओं का पदस्थापन नहीं हो सका है. 

सीएमएचओ को मिला है प्रभार
इस दौरान सीएमएचओ को डीओ (डेडीकेटेड डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर) का अतिरिक्त चार्ज देकर काम चलाया जा रहा है. इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) रोहित कुमार सिंह ने इस संबंध में किए मीडिया के सवालों को अनसुना कर दिया.

खाद्य सुरक्षा कानून में था संबंधित प्रावधान
मिलावट के जहर पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार राजस्थान समेत पूरे देशभर के लिए 2011 में खाद्य सुरक्षा कानून लेकर आई. जिसमें सभी जिलों में डेडीकेटेड डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर की नियुक्ति करने का प्रावधान किया गया था. केंद्र सरकार ने इन अधिकारियों की डेडिकेटेड नियुक्ति के लिए पहले 5 साल की और फिर 3 साल की राज्य सरकारों को छूट दी गई. बावजूद इसके राजस्थान के चिकित्सा विभाग ने 8 साल गुजरने के बावजूद डेडीकेटेड "डीओ" की नियुक्ति के बारे में गंभीरता से विचार ही नहीं किया. 

4 अगस्त को समाप्त हुई समयावधि
ऐसे में नतीजा यह निकला कि 4 अगस्त 2019 को जैसे ही केंद्र की छूट की समयावधि खत्म हुई. तो राजस्थान में बतौर "डीओ" काम कर रहे हैं सीएमएचओ मिलावट के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अपात्र घोषित हो गए. जिस कारण पिछले 4 दिन से राजस्थान में मिलावट के खिलाफ चलने वाला अभियान पूरी तरह से ठप हो गया है.

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निदेशक (जन स्वास्थ्य) व फूड सेफ्टी कमिश्नर वीके माथुर ने बताया कि एक-दो दिन में फिर से मिलावट के खिलाफ अभियान चालू हो जाएगा. डीओ के सेवा नियम बनाने का प्रोसेस जारी है. 

आपको बता दें कि विभाग की लापरवाही के आलम का पता इस बात से लगता है कि राजस्थान में 1 अगस्त से 15 अगस्त तक त्योहारी सीजन में मिलावट रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है. 

इस अभियान में फूड इंस्पेक्टर जो भी कार्रवाई करते हैं और सैंपल लेते हैं तो उसकी नमूना स्लीप बतौर फ़ूड डीओ के रूप में सीएमएचओ ही काटते है. अब जब सीएमएचओ इस काम के लिए अपात्र घोषित हो गए तो पूरे राजस्थान में मिलावट रोकने के लिए चलाए जा रहा अभियान भी 2 दिन से ठप पड़ गया है. बता दें, इस पूरे मामले में केंद्र को एक्सटेंशन के लिए पत्र लिखा गया है.