अजमेर: पुलिस लाइन डिस्पेंसरी में जाने वालों के लिए रोड़ा बनी 'दीवार', लोग बोले- हो रही परेशानी

केवल एक रास्ते को खुला रखा गया है, जहां भी पुलिस गार्ड तैनात रहता है. ऐसे में इमरजेंसी में बुजुर्ग, दिव्यांग और महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ रही है. 

अजमेर: पुलिस लाइन डिस्पेंसरी में जाने वालों के लिए रोड़ा बनी 'दीवार', लोग बोले- हो रही परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस लाइन डिस्पेंसरी पर इलाज के लिए जाने वालों की संख्या 45 से 50 हजार है.

अशोक, अजमेर: एक तरफ तो सरकार बेहतर चिकित्सा व्यवस्था देने की बात कर रही है, वहीं, दूसरी ओर चिकित्सालय में जाने वाले रास्ते को बंद किया जा रहा है. अजमेर की पुलिस लाइन में स्थित डिस्पेंसरी पर इलाज के लिए जाने वाले बुजुर्ग, दिव्यांग और महिलाओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

सभी महिलाएं लंबे चक्कर से बचने के लिए दीवार कूदकर इलाज के लिए जाने को मजबूर हैं लेकिन इस ओर प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा. स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस लाइन डिस्पेंसरी पर इलाज के लिए जाने वालों की संख्या 45 से 50 हजार है और इसके आस-पास 5 वार्ड है, जिनके क्षेत्रवासी इलाज के लिए पुलिस लाइन डिस्पेंसरी पर निर्भर हैं. इसके बावजूद भी सुरक्षा का हवाला देकर तमाम रास्तों को बंद कर दिया. 

केवल एक रास्ते को खुला रखा गया है, जहां भी पुलिस गार्ड तैनात रहता है. ऐसे में इमरजेंसी में बुजुर्ग, दिव्यांग और महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ रही है. सभी ने प्रशासन निवेदन किया है कि वह लोहा खान वाले रास्ते को खोलें, जिससे कि आमजन पुलिस लाइन डिस्पेंसरी में आराम से इलाज करा सकें.

क्षेत्रवासियों ने कहा कि आज भी इलाज के लिए जा रहे एक बुजुर्ग की दीवार फांद के समय तबीयत बिगड़ गई, जिसे जल्द जेएलएन अस्पताल ले जाया गया. ऐसे ही रोजाना लोग परेशान होते हैं, जिन्हें स्थानीय निवासी रास्ता पार करवाते हैं या फिर अस्पताल तक छोड़ कर आते हैं. स्थानीय पार्षदों ने इस मामले में जिला प्रशासन को पत्र लिखा और मांग की है कि जल्द से जल्द इस द्वार को खोला जाए, जिससे कि मरीज और परिजन आराम से इलाज करा सकें और उन्हें किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.