होम क्वारंटाइन लोगों की ना ट्रेकिंग शुरू हुई ना ही सेल्फी आ रही, जानिए वजह

जयपुर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. 

होम क्वारंटाइन लोगों की ना ट्रेकिंग शुरू हुई ना ही सेल्फी आ रही, जानिए वजह
फाइल फोटो

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में कोरोना (Coronavirus) पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. इसके बाद भी प्रशासन और चिकित्सा विभाग स्तर पर लापरवाही की जा रही है. संक्रमण को रोकने के लिए सरकार के निर्देश पर होम क्वारंटाइन मरीजों की मॉनिटरिंग के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने कोविड एप तैयार किया है. 

इसके जरिए संदिग्ध लोगों को एप से जोड़कर उनकी ट्रेकिंग प्रक्रिया शुरू करनी है, लेकिन मुख्य सचिव के आदेश के सात दिन बाद भी ऐप के जरिए होम क्वारंटाइन लोगों की ट्रैकिंग शुरू नहीं हो पाई है. इसके पीछे कारण यह है कि जयपुर चिकित्सा विभाग की ओर से जिला प्रशासन को ऐसे लोगों की सूची अभी तक नहीं सौंपी गई है. 

चिकित्सा विभाग की ओर से डाटा आने के बाद डीओआईटी की ओर से ट्रैकिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी. चिकित्सा विभाग की ओर से संदिग्ध लोगों को होम क्वारंटाइन किया जा रहा है. शुरुआत में जहां करीब 4000 लोग थे, वहीं अब इनकी संख्या घटकर करीब 1067 रह गई है. चिकित्सा विभाग पुलिस और चिकित्सा कर्मियों के जरिए इनकी निगरानी कर रहा है. 

ऐसे में पुलिस संदिग्ध लोगों के घर जा रही है, लेकिन लोगों की ओर से आपत्ति जताई जा रही है. अगर ट्रैकिंग सिस्टम शुरू किया जाए तो ऐप के जरिए लोगों की निगरानी की जा सकती है. क्वारंटाइन लोगों को राज कोविड एप अपने मोबाइल में डाउन लोड करना है. इस पर प्रतिदिन सुबह 8 से रात्रि 9 बजे तक प्रति 2 घंटे में सेल्फी भेजनी होगी. यदि किसी के पास मोबाइल नहींं तो लोकेशन से निगरानी होगी. टेलीकॉम कंपनी की सहायता से लोकेशन ट्रेस की जजाएगी. ऐसे लोगों की सूची चिकित्सा विभाग को प्रशासन को देनी है. 

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