Rajasthan: अब तीन की बजाय चार सीटों पर होंगे विधानसभा उपचुनाव, BJP ने फूंका बिगुल!

बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा (Ramlal Sharma) कहते हैं कि कोई भी चुनाव हल्का नहीं आंका जा सकता. हर चुनाव की अपनी गंभीरता होती है.

Rajasthan: अब तीन की बजाय चार सीटों पर होंगे विधानसभा उपचुनाव, BJP ने फूंका बिगुल!
प्रतीकात्मक तस्वीर.

जयपुर: भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा उपचुनाव (Assembly by-election) के लिए अपने अभियान की शुरुआत कर दी है, लेकिन इस अभियान के साथ ही पार्टी ने साल 2023 में होने वाले राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Legislative Assembly) के चुनाव पर भी नजर गड़ा दी है. बीजेपी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर दूसरे नेताओं तक यही बात कर रहे हैं कि इस बार के उपचुनाव साल 2023 के विधानसभा चुनाव की भूमिका लिख देंगे. 

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प्रदेश में एक बार फिर चुनावी समर की तैयारी हो रही है. पंचायती राज (Panchaytiraj) और स्थानीय निकाय के चुनाव के बीच विधानसभा की सीटों पर उपचुनाव भी होने हैं. हालांकि यह उपचुनाव तीन विधानसभा सीटों पर होने थे, लेकिन बुधवार सुबह ही वल्लभनगर के विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत (Gajendra Singh Shaktawat) के निधन की खबर भी आने के बाद एक और विधानसभा सीट खाली हो गई. 

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कांग्रेस (Congress) और बीजेपी (BJP) के साथ अधिकांश नेताओं ने शक्तावत के निधन पर संवेदना जताई, लेकिन साथ ही चुनाव की नियमित प्रक्रिया के लिए भी ये नेता अपनी पार्टी को तैयार बता रहे हैं. उदयपुर (Udaipur) जिले की वल्लभनगर सीट से विधायक रहे गजेंद्र सिंह शक्तावत कांग्रेस पार्टी से थे और अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के दूसरे कार्यकाल में संसदीय सचिव भी रहे. कांग्रेस के लिए शक्तावत का जाना बड़ा झटका था. गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasra) में भी उनका दर्द झलक रहा था. पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि चुनाव संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है और उसके लिए पार्टी अपने स्तर पर तैयारी कर रही है. 

बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष ने भी जताया शोक
इन सबके बीच राजनीतिक शिष्टाचार निभाते हुए बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष के साथ दूसरे नेताओं ने भी शक्तावत के निधन पर अपनी संवेदनाएं जताई. इसके साथ ही बीजेपी उपचुनाव के लिए अपनी तैयारियों को प्रभावी तरीके से अंजाम देने में भी लगी हुई है. प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया मंगलवार को सुजानगढ़ (Sujangarh) में कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिए अपने अभियान की शुरुआत कर चुके हैं तो साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस चुनाव के जरिए पार्टी साल 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव की इबारत लिखेगा. 

क्या कहना है बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा का
बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा (Ramlal Sharma) कहते हैं कि कोई भी चुनाव हल्का नहीं आंका जा सकता. हर चुनाव की अपनी गंभीरता होती है और चुनावों के जरिए जनता समय-समय पर अपनी बात या पीड़ा को जाहिर करती है. रामलाल का कहना है कि इस बार भी चार विधानसभा सीटों पर बीजेपी का कार्यकर्ता पूरी सक्रियता और मेहनत के साथ लगेगा. उन्होंने कहा कि सरकार और सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ जो मुद्दे उठे हैं, उनको लेकर वे जनता के बीच जाएंगे. रामलाल कहते हैं कि लोकतंत्र में चुनाव अग्नि परीक्षा है और वोट जनता का हथियार है. अगर कोई सरकार जनहित में काम नहीं कर रही तो वोटर अपने वोट के जरिए ही सरकार को आगाह करता है. रामलाल शर्मा ने माना कि इन उपचुनाव के नतीजे यह दिखाने के लिए पर्याप्त होंगे कि साल 2023 में जनता का रुख किस तरफ रहता है? 

बीजेपी दिख रही ज्यादा उत्साहित 
आमतौर पर विधानसभा उपचुनाव में जनता का रुख सत्ताधारी पार्टी के साथ ही दिखता है और ऐसा ही कुछ पंचायतीराज के चुनावों में भी होता है लेकिन इस बार पंचायतीराज के लिए हुए 21 ज़िलों के चुनाव में दो तिहाई ज़िलों में गांव की सरकार पर काबिज होने के बाद बीजेपी ज्यादा उत्साहित दिख रही है. विधानसभा उपचुनाव के लिए खाली हुई चार सीट में से भी कांग्रेस के पास तीन और बीजेपी के पास एक सीट थी, ऐसे में बीजेपी के रणनीतिकारों का माना है कि अगर विपक्ष में रहते हुए पार्टी ने अपने गणित में एक सीट का भी इज़ाफ़ा किया तो यह सरकार के लिए अलार्म बजाने वाला होगा.