राजस्थान: NSUI कार्यकर्ताओं ने भोलेनाथ का किया अभिषेक, ये वजह आई सामने...

एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष, पहले तो सभी 19 बागी विधायकों के घर पहुंचे और उन्हें मनाने के लिए परिजनों को गुलदस्ते देकर आए. वहीं, अब पार्टी के अच्छे दिनों के लिए ईश्वर की पूजा-अर्चना करते नजर आए.  

राजस्थान: NSUI कार्यकर्ताओं ने भोलेनाथ का किया अभिषेक, ये वजह आई सामने...
एनएसयूआई ने वैदिक रिचाओं के पाठ के साथ महादेव की पूजा अर्चना की.

जयपुर: राजस्थान में कांग्रेस सरकार के मंत्री जहां सरकार बचाने के लिए बाडेबंदी के साथ ही, टेंपल रन कर रहे हैं. तो दूसरी ओर, कांग्रेस का ही छात्र संगठन भी अब ईश्वर की शरण में है. प्रदेश एनएसयूआई (NSUI) कार्यालय में सावन (Savan) के अंतिम सोमवार पर भगवान भोले नाथ का अभिषेक और पूजा अर्चना की गई.

इस दौरान एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक चौधरी, पहले तो सभी 19 बागी विधायकों के घर पहुंचे और उन्हें मनाने के लिए परिजनों को गुलदस्ते देकर आए. वहीं, अब पार्टी के अच्छे दिनों के लिए ईश्वर की पूजा-अर्चना करते नजर आए.

एनएसयूआई कार्यालय में पंडितों द्वारा वैदिक रिचाओं के पाठ के साथ, महादेव की पूजा अर्चना की गई. इस उम्मीद में कि, बागी विधायक दोबारा पार्टी में लौट आए और पार्टी में चल रही खींचतान पर विराम लग सके. हालांकि, इसे लेकर एनएसयूआई ने कोई बयान जारी नहीं किया. लेकिन कार्यकर्ताओं में चर्चाएं रही कि, पार्टी और संगठन के तमाम नेता अब हर हाल में सरकार बचाने और पार्टी को विरोधियों की बुरी नजर से बचाने की जुगत कर रहे हैं. ऐसे में हरेक पदाधिकारी अपनी-अपनी कोशिशों में जुटा हुआ है.

दरअसल, राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) के बीच, आपसी मतभेद खुलकर आ चुके हैं. कांग्रेस के 19 विधायकों ने बागी तेवर अपनाते हुए सीएम गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. साथ ही, पायलट को सीएम बनाने की मांग कर रहे हैं. जबकि, गहलोत कैंप का दावा है कि, बीजेपी (BJP) राज्य में खरीद-फरोख्त (Horse Trading) कर प्रदेश सरकार को गिराने का प्रयास कर रही है.

इस बीच, गहलोत सरकार की मांग पर राज्यपाल कलराज मिश्रा (Kalraj Mishra) ने 14 अगस्त से राजस्थान विधानसभा सत्र (Rajasthan Vidhansabha Session) बुलाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है. राज्यपाल भवन के अधिकारियों ने कहा है कि, इस दौरान सरकार से कोविड-19 (COVID-19) गाइडलाइन का पालन करने की अपील की गई है.