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आम चुनाव 2019: राजस्थान के दंगल में बढ़ी दागियों की संख्या

कांग्रेस की ओर से 5 और बीजेपी की तरफ से 4 दागी उम्मीदवार मैदान में हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में प्रदेश में कुल 22 उम्मीदवार दागी थे, जिसमें से कांग्रेस और बीजेपी के 3-3 उम्मीदवार दागी थे. 

आम चुनाव 2019: राजस्थान के दंगल में बढ़ी दागियों की संख्या
कांग्रेस द्वारा 5 और बीजेपी द्वारा 4 दागी नेताओं को टिकट दिया गया.

जयपुर: सुप्रीम कोर्ट ने भले ही अपराधिक प्रवत्ति वाले नेताओं पर संसद या विधानसभा में जाने से रोकने के लिए कई निर्देश जारी किए हों, लेकिन इस बार भी प्रदेश में 29 अप्रैल और 6 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव में अपराधिक प्रवत्ति के उम्मीदवार मैदान में है. सबसे बड़ी बात ये है कि कांग्रेस और बीजेपी दोनो ही पार्टियों में इस बार भी दागी उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है लेकिन इस बार कांग्रेस और बीजेपी के कॉन्फिडेंस के साथ साथ दागियों की संख्या भी बढ़ गई है.

दिल्ली के दंगल में उम्मीदवार अपना और अपनी पार्टी की अच्छी छवि बताकर गली गली में मतदाताओं को रिझाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन जब उनके अपराधिक रिकॉर्ड खंगालते हैं तो ये उम्मीदवार दागी ही दिखाई देते हैं. दागदार उम्मीदवारों को मैदान में उतारने के लिए न तो कांग्रेस ने कोई कसर छोड़ी और न ही बीजेपी ने. बल्कि इस बार तो अपराधिक मामलों में लिप्त उम्मीदवारों की संख्या और बढ़ गई है. 2014 के मुकाबले इस बार कांग्रेस के 8 और बीजेपी के 4 फीसदी दागी उम्मीदवारों की संख्या बढ़ गई है. पिछले लोकसभा चुनाव में जहां कांग्रेस और बीजेपी के तीन तीन उम्मीदवार दागी थे, वहीं इस बार दोनों की पार्टियों में उम्मीदवारों की संख्या में इजाफ हो गया है.

राजस्थान में कांग्रेस की ओर से 5 और बीजेपी की तरफ से 4 दागी उम्मीदवार मैदान में हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में प्रदेश में कुल 22 उम्मीदवार दागी थे, जिसमें से कांग्रेस और बीजेपी के 3-3 उम्मीदवार दागी थे. इस बार के चुनाव में कांग्रेस के दागी उम्मीदवारों का प्रतिशत 12 से बढ़कर 20 हो गया है. यानि 3 से बढ़कर दागियों की संख्या 5 तक पहुंच गई है. वहीं बीजेपी की बात करें तो यहां भी कुछ ऐसा ही हाल दिखाई दे रहा है. बीजेपी में दागियों का प्रतिशत 12 से बढ़कर 16 तक पहुंच गया है. यानि दागियों की संख्या 3 से बढ़कर 4 हो गई है.

इस बार चूरू से कांग्रेस प्रत्याशी रफीक मंडेरिया के खिलाफ 420 के तहत धोखाधड़ी समेत 3 मुकदमे दर्ज हैं. वहीं झुन्झुनू से बीजेपी के नरेंद्र कुमार के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज है. इसके अलावा नागौर से एनडीए के उम्मीदवार हनुमान बेनीवाल के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने के मामले में केस दर्ज है. इस केस में उन्हें 2 साल की कारावास की सजा भी सुनाई गई थी और 5 हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया गया था. वहीं राजसमंद से कांग्रेस प्रत्याशी देवकीनंदन गुर्जर के खिलाफ भी राजकार्य में बाधा का केस दर्ज है. भीलवाड़ा से कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल शर्मा और झालावाड़ से रामनारायण मीना के खिलाफ 3 मामले दर्ज हुए थे.