कोटा: किसानों की समस्या दूर करने के लिए ओम बिरला ने उठाया यह कदम....

बिरला ने कहा कि, संसदीय क्षेत्र का बड़ा हिस्सा अभी भी सिंचाई तंत्र से जुड़ा नहीं है. इस कारण अनेकों किसानों को पानी के अभाव में परेशानी का सामना करना पड़ता है.

कोटा: किसानों की समस्या दूर करने के लिए ओम बिरला ने उठाया यह कदम....
बिरला ने कहा कि, संसदीय क्षेत्र का बड़ा हिस्सा अभी भी सिंचाई तंत्र से जुड़ा नहीं है.

हिमांशु मित्तल/कोटा: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को संपूर्ण कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र को, सिंचाई तंत्र से जोड़ने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा है. साथ ही, नौनेरा बांध के निर्माण के बाद उपलब्ध होने वाले अधिशेष जल को लेकर भी, प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं.

लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कैंप कार्यालय में सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता राजीव चैधरी व अन्य अधिकारियों के साथ, बैठक की. बिरला ने कहा कि, संसदीय क्षेत्र का बड़ा हिस्सा अभी भी सिंचाई तंत्र से जुड़ा नहीं है. इस कारण अनेकों किसानों को पानी के अभाव में परेशानी का सामना करना पड़ता है.

उन्होंने कहा कि, सिंचाई विभाग पूरे क्षेत्र को सिंचित बनाने का खाका तैयार कर प्रस्तुत करे. वे योजना को केंद्र सरकार के स्तर पर स्वीकृत करवाने का प्रयास करेंगे. इसी प्रकार बिरला ने अधिकारियों से नौनेरा बांध का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद, उपलब्ध होने वाले अधिशेष पानी को भी, सिंचाई के उपयोग में लाने की संभावनाएं तलाशने को कहा.

अधिकारियों ने अवगत कराया कि, संभावना है कि जो अधिशेष जलराशि उपलब्ध होगी, उससे 6 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सके. इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि, वे इस योजना पर काम करें. कोई कठिनाई हो तो अवगत कराएं, ताकि उसका समाधान किया जा सके. बिरला ने कहा कि, उनकी पूरी कोशिश होगी कि प्रत्येक किसान को नहरी पानी उपलब्ध करवाकर, उसे समृद्ध तथा आत्मनिर्भर बनाया जा सके.

गलाना को सिंचाई परियोजना योजना से जोड़ें
बैठक के दौरान लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने, लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र के गलाना गांव को परवन वृहद सिंचाई परियोजना (अकावद) से जोड़ने को भी कहा. बिरला ने बताया कि, गलाना गांव का बहुत छोटा हिस्सा बालापुरा योजना में आ रहा है. इस कारण अकावद योजना से पूरे गलाना गांव को अलग कर दिया गया. अधिकारियों ने लोकसभा अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि, वह गलाना गांव को भी जल्द ही सिंचाई परियोजना से जोड़ देंगे.

पलका में एनिकट की संभावनाएं तलाशें
लोकसभा अध्यक्ष ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को बूंदी जिले के गरडदा ग्राम पंचायत स्थित पलका गांव में, एनिकट की संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिए हैं. पलका गांव में एनिकट बनने से क्षेत्र में पेयजल तथा सिंचाई के लिए अधिक जल उपलब्घ हो सका. अधिकारियां ने कहा कि, वह जल्द ही इसका सर्वे करवाएंगे.