मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत को लेकर ओम बिरला ने दिया अहम आदेश...

ओम बिरला के निर्देश पर एनटीसीए की एक उच्च स्तरीय टीम का गठन किया जाएगा जो जल्द ही मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व का दौरा करेगी.

मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत को लेकर ओम बिरला ने दिया अहम आदेश...
ओम बिरला के निर्देश पर एनटीसीए की एक उच्च स्तरीय टीम का गठन किया जाएगा.

कोटा: राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स टागइर रिजर्व में बाघों की आकस्मिक मौत के मामलों को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला बेहद गंभीर हो गए हैं. खबर के मुताबिक, ओम बिरला के निर्देश पर एनटीसीए की एक उच्च स्तरीय टीम का गठन किया जाएगा जो जल्द ही मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व का दौरा करेगी. यह टीम बाघों की मौत की जांच के साथ मुकुंदरा में पर्यटन के विकास की संभावनाओं का अध्ययन करेगी. टीम दो माह में अपनी रिपोर्ट देगी.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद के लोकसभा चैंबर में एनटीसीए और राजस्थान वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में बाघों की मौत पर चिंता जताते हुए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि मुकुंदरा अभी नया टाइगर रिजर्व है, ऐसे में हमें यहां अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है. उन्होंने एनटीसीए के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द ही एक उच्च स्तरीय टीम मुकुंदरा हिल्स टागइर रिजर्व भेजी जाए जो बाघों की मौत के साथ टाइगर रिजर्व के विकास को लेकर भी रिपोर्ट तैयार करे. 

साथ ही, बिरला ने यह भी कहा है कि एनटीसीए और राजस्थान के वन विभाग के अधिकारी आपस में तालमेल रखते हुए हर उस संभावना को तलाशें जिससे हम बाघों को संरक्षित करें. साथ ही, टाइगर रिजर्व को और विकसित करें जिससे क्षेत्र में विकास और रोजगार के नए द्वार खुले. 

वहीं, बैठक के बाद अब एक सप्ताह के भीतर टीम गठित कर दी जाएगी. इस टीम के विशेषज्ञ सदस्य कोटा जाकर सम्पूर्ण परिस्थितियों का बारीकी से अध्ययन करेंगे. वे टाइगर रिजर्व के अधिकारियों तथा स्थानीय विशेषज्ञों से भी चर्चा करेंगे. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की मंशा है कि मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व को पर्यटन के अन्तर्राष्ट्रीय नक्षे पर लाया जाए, ताकि यह राजस्थान में पर्यटकों के आकर्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बन कर उभरे. 

इसी को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट में टाइगर रिजर्व को विकसित करने, बाघों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने, वन क्षेत्र के विस्तार, शाकाहारी मवेशियों की संख्या बढ़ाने आदि विषयों को भी शामिल किया जाएगा. 

ओम बिरला ने कहा की एनटीसीए की टीम के रिपोर्ट के आधार पर मुकुंदरा हिल्स टागइर रिजर्व के विकास की कार्ययोजना तैयार की जाएगी. इसमें राज्य और केंद्र की एजेंसियां मिलकर काम करेंगी जल और जंगल मुकुंदरा के आकर्षण में अभिवृद्धी करते हैं. हमारा प्रयास रहेगा कि बाघों को संरक्षित करते हुए हम यहां जल्द से जल्द सफारी प्रारंभ कर सकें ताकि पर्यटन के माध्यम से रोजगार तथा क्षेत्र के विकास को गति मिल सके. बीते दिनों हुई बाघों की मौत ने पूरे टाइगर प्रोजेक्ट को झटका दिया. अब बिरला की ये कोशिश फिर से नई उम्मीद जगा रही है.