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ओम बिड़ला ने कोटा में लिया बाढ़ के हालातों का जायजा, मुख्य सचिव से की बात

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी कोटा के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया. उन्होंने ट्रैक्टर पर घूम कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया. 

ओम बिड़ला ने कोटा में लिया बाढ़ के हालातों का जायजा, मुख्य सचिव से की बात
फाइल फोटो

कोटा: राजस्थान के कोटा में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश लोगों के लिए अब मुसीबत बन चुकी है. लगातार हो रही बारिश के चलते जिले के कई इलाकों में बाढ़ आ गई है. जिसके चलते प्रशासन भी हाई अलर्ट मोड पर आ गया है और कई क्षेत्रों में फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य भी शुरू कर दिया गया है. इसी बीच शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी कोटा के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया.

उन्होंने ट्रैक्टर पर घूम कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया. इस दौरान उनके साथ विधायक कल्पना देवी भी मौजूद रहीं. बाढ़ के हालातों को देखते हुए बिड़ला ने मुख्य सचिव से भी बात की. यहां आपको बता दें कि क्षेत्र में गुरुवार से ही राहत बचाव कार्य किया जा रहा है और अब तक 350 से अधिक लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों तक पहुंचा दिया गया है.

वहीं आपको बता दें, केवल कोटा ही नहीं बल्कि भीलवाड़ा में भी बारिश के कारण हालात बिगड़ने लगे हैं. जिसके चलते भीलवाडा में भी बाढ़ के हालात बनने लगे है. जिले के तिलस्वां क्षेत्र में पिछले 24 घंटे से झमाझम बारिश को दौर चालू है. ऐरू नदी का एनीकट कई दिनो से ऑवर फ्लो चल रहा है. निकटवर्ती पचानपुरा बांध में भी 15 फीट पानी की आवक हुई है. क्षेत्र में लगातार बारिश होने से किसानों की भी चिंता बढ गई है. 

पहले ही बारिश के कारण 20 से 30 प्रतिशत फसलें गल चुकी हैं. धार्मिक नगरी तिलस्वां महादेव में पैदल यात्रियों के जत्थे तेज बारिश में भी नाचते-गाते आ रहे हैं. वहीं बीगोद क्षेत्र में भी लगातार जारी बारिश ने मेनाली और बेड़च नदियों में पानी की आवक को तेज कर दिया है. गुरुवार रात से ही कस्बे सहित क्षेत्र में भारी बारिश हो रही है. उपरमाल क्षेत्र और चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में बारिश से मेनाली और बेड़च नदियों में पानी की आवक फिर से तेज हो गई है. 

मेनाल का झरने ने भी रफ्तार पकड़ ली है. वहीं गोवटा बांध की चादर भी तेज हो गई है. जिससे त्रिवेणी चौराहा के पास मेनाली पुलिया पर पानी आने की आवक तेजी से बढ़ गई है. दोनों नदियों में पानी की आवक तेज होने से त्रिवेणी नदी के गेज में भी बढ़ोतरी शुरू हो गई है. कोटड़ी, पण्डेर, अरवड़, काछोला, शाहपुरा, जहाजपुर, मांडलगढ़ कस्बे सहित क्षेत्र में सुबह से ही बारिश का दौर जारी है. 

ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरी क्षेत्र में भी बरसात का कहर देखने को मिल रहा है. शहर की कई कॉलोनियों में पानी भर जाने के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है. यूआईटी, अजमेर चौराहा, रामधाम के अंडरब्रिज में पानी भरा होने से शहर में भारी जाम के हालत बने हुए हैं. भीलवाड़ा के जीवनदायिनी मेजा बांध पर भी मेघ की मेहर दिखाई दे रही है, मानसून की शुरुआत कोे15 दिन बीत जाने के बाद भी सूखे पड़े मेजा बांध में एक ही दिन में 6 फिट पानी की आवक हो चुकी है. बरसात लगातार जारी होने के कारण लगातार पानी को आवक भी तेज हक रही है. वहीं शहर की शास्त्रीनगर, गुलमण्डी, गुलनगरी, आरसी व्यास, सुभाष नगर सहित कई कॉलोनियों में घरों में पानी भरा चुका है. 

जिले में बाढ़ के हालातों को देखते हुए जिला कलेक्टर ने आज स्कुलो में अवकाश घोषित करते हुए अधिकारी और कर्मचारियों की छुट्टियां भी निरस्त कर दी हैं. पारोली पंचायत के लक्ष्मीपुरा गांव में मुख्य दरवाजे के पास चारपाई लगा कर सो रहे 55 वर्षीय नारायण तेली की दरवाजा गिरने से मौत हो गई. इसी तरह एक अन्य घटना शाहपुरा थाना क्षेत्र में घटित हुई. समेलिया खाल में पानी के उफान के बीच जान जोखिम में डाल कर जीप निकलने का प्रयास करने एक दौरान जीप खाल में बस गई, जबकि जीप सवार तीन युवकों ने कूद कर अपनी जान बचाई.