अजमेर शरीफ के 807वें उर्स के अवसर पर राहुल गांधी ने की अमन और शांति की दुआ

विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हज़रत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह पर सभी धर्म जाति के अकीदतमंद मन्नत मांगने पहुंचते है

अजमेर शरीफ के 807वें उर्स के अवसर पर राहुल गांधी ने की अमन और शांति की दुआ
दरगाह में मौजूद दो बड़ी देगों में आस्था के अनुसार नजराना राशि चढ़ाई जाती है

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के सालाना उर्स के मौके पर अजमेर शरीफ के लिए सोमवार को चादर पेश की. गांधी ने फेसबुक पोस्ट में कहा, 'ख्वाजा ग़रीब नवाज़ मोइनुद्दीन चिश्ती के सालाना उर्स के अवसर पर ख़िराज- ए- अक़ीदत पेश करते हुए चादर पेश की.

उनकी ओर से चादर पेश किए जाने के मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट, पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, सलमान खुर्शीद, अविनाश पांडे तथा कई अन्य नेता मौजूद थे.

कुछ दिनों पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजमेर शरीफ के लिए चादर पेश की थी जिसे अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने दरगाह पर चढ़ाया था.नई दिल्ली में अजमेर शरीफ दरगाह के दोनों अंजुमनों और दरगाह कमिटी के सदर एवं मुस्लिम समुदाय के प्रमुख लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट कर "समावेशी विकास" और देश की सुरक्षा के उनके मजबूत संकल्प के लिए बधाई दी थी. 

प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को उनकी तरफ से 807वें उर्स के अवसर पर ख्वाजा अजमेर शरीफ दरगाह में पेश की जाने वाली चादर और सन्देश सुपुर्द किया. प्रतिनिधिमण्डल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दस्तारबंदी की और मुल्क की खुशहाली, सौहार्द, सुरक्षा की दुआ की थी. प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास दोहराया की मोदी के नेतृत्व में देश और देश के लोग सुरक्षित हैं और दुनिया भर में भारत का गौरव बढ़ा है.

प्रतिनिधिमंडल में सय्यद मोईन हुसैन, शेखजादा अब्दुल जरार चिश्ती, शेखजादा अब्दुल मजीद चिश्ती, सईद अफशान अहमद चिश्ती, मुज़फ्फर अली, कमर आघा,  कुलसूम सैफुल्ला,  अमिन पठान, सय्यद हम्माद निज़ामी, सिराजुद्दीन कुरेशी आदि शामिल थे.

यहां आपको यह भी बता दें कि, विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हज़रत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह पर सभी धर्म जाति के अकीदतमंद मन्नत मांगने पहुंचते है. इस वजह से जायरीन दरगाह में मौजूद दो बड़ी देगों में आस्था के अनुसार नजराना राशि चढ़ाते हैं. दरगाह के बुलंद दरवाज़ा के पास मौजूद बादशाह अकबर और जहांगीर की देगों का ठेका इस बार 3 करोड़ 30 लाख 10 हज़ार में छूटा. 

(इनपुट-भाषा)