बाड़मेर: शहीदों के सम्मान के लिए आगे आई ये संस्था, परिजनों को इस तरह दे रही संबल

टीम थार के वीर ने मरुगूंज संस्थान के सहयोग से, 1944 से लेकर 2020 तक शहीद हुए वीर सपूतों के परिवारों के साथ पहुंचकर, रक्षाबंधन के पर्व को खास बनाया.

बाड़मेर: शहीदों के सम्मान के लिए आगे आई ये संस्था, परिजनों को इस तरह दे रही संबल
समाज के सामने नया उदाहरण पेश किया है.

भूपेश आचार्य/बाड़मेर: देश पर मर मिटने वाले शहीदों व उनके परिवारजनों के हमेशा याद रखने के लिए, टीम थार के वीर ने मरुगूंज संस्थान के सहयोग से, 1944 से लेकर 2020 तक शहीद हुए बाड़मेर के वीर सपूतों और 2017 के बाद शहीद हुए जैसलमेर के 3 वीर सपूतों के परिवारों के साथ पहुंचकर, रक्षाबंधन के पर्व को खास बनाया.

ऐसे में रक्षाबंधन (Rakshabandhan) के खास पर्व पर टीम थार के वीरों ने, मरुगूंज संस्थान के सहयोग से, बाड़मेर के 28 और जैसलमेर के 3 शहीद परिवारों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाकर, समाज के सामने नया उदाहरण पेश किया है.

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रक्षाबंधन के पर्व को खास बनाने के लिए टीम थार के वीरों की टीम ने, स्थानीय लोगों को प्रेरित कर ना सिर्फ शहीद परिवारों के घर उनको सम्बल प्रदान करने भेजा, बल्कि उनको समय-समय पर ऐसे विशेष आयोजनों पर शहीद परिवारों का मान-सम्मान करने का भी आह्वान किया.

वहीं, तारातरा निवासी शौर्य चक्र विजेता शहीद धर्माराम के भाई वीन्जाराम बताते हैं कि, टीम थार के वीर के सदस्यों ने हमारे परिवार के सदस्य के रूप में सदैव नई प्रेरणा दी है, जो कि काबिले तारीफ है. वहीं बाछड़ाऊ निवासी शहीद पीराराम के पिताजी वगताराम तो टीम थार के वीर के सदस्यों अपने बेटों से कम नहीं मानते हैं.

वह कहते हैं कि, टीम थार के वीर सदस्यों ने ही हमेशा हमारे परिवार का हिस्सा बनकर हमें सम्बल प्रदान किया. बता दें कि, बाड़मेर जिले में शहीदों, सेनिकों और अर्धसैनिकों के लिए समर्पित टीम थार के वीर का नाम आजकल हर युवा की जुबान पर है. टीम ने देशहितार्थ कई ऐसे कार्य किए हैं, जिनसे आज हर कोई उनकी सराहना कर रहा है.

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