राजस्थान: 4 करोड़ 86 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे मताधिकार का इस्तेमाल

प्रदेश की 25 लोकसभा सीटों में 04 अनुसूचित जाति, 03 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं, वहीं 18 सीटें सामान्य वर्ग के लिए हैं

राजस्थान: 4 करोड़ 86 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे मताधिकार का इस्तेमाल
सर्वाधिक 2552 पोलिंग स्टेशन बाड़मेर लोकसभा क्षेत्र में हैं

जयपुर: भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव-2019 के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है. चुनाव कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश की सभी 25 सीटों के लिए दो चरणों में मतदान कराया जाएगा. पहले चरण में 29 अप्रैल और दूसरे चरण में 6 मई को मतदान कराया जाएगा. सभी सीटों के लिए मतगणना 23 मई को करवाई जाएगी. राज्य में कुल 4 करोड़ 86 लाख 3 हजार 329 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. चुनाव घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्ष आचार संहिता भी तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है. 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री आनंद कुमार ने रविवार को शासन सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के साथ ही प्रदेश में स्थानान्तरण एवं नियुक्तियों पर रोक लग गई है. अति आवश्यक होने पर राज्य सरकार निर्वाचन आयोग से मंजूरी लेने के बाद ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्थानान्तरित कर सकेगी.

श्री कुमार ने बताया कि प्रथम चरण में 13 लोकसभा क्षेत्र टोंक, सवाईमाधोपुर, अजमेर, पाली, जोधपुर, बाड़मेर, जालौर, उदयपुर, बासंवाड़ा, चितौड़गढ़, राजसमंद, भीलवाड़ा, कोटा और झालावाड़-बारां में 29 अप्रैल को मतदान होगा. पहले चरण की अधिसूचना 2 अप्रैल को जारी होगी. अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन दाखिल करने का काम शुरू हो जाएगा. 9 अप्रैल तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे. 10 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच होगी तथा 12 अप्रैल तक नाम वापस लिए जा सकेंगे.
 
दूसरे चरण की अधिसूचना 10 अप्रैल को जारी होगी. इस चरण में 12 लोकसभा क्षेत्रों श्रीगंगानर, बीकानेर, चूरू, झुंझूनूं, सीकर, जयपुर ग्रामीण, जयपुर, अलवर, भरतपुर, करौली-धौलपुर, दौसा और नागौर में 6 मई को मतदान होगा. अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन दाखिल करने का काम शुरू हो जाएगा. 18 अप्रैल तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे. 20 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच होगी तथा 22 अप्रैल तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. 

उन्होंने बताया कि प्रदेश की 25 लोकसभा सीटों में 04 अनुसूचित जाति, 03 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं, वहीं 18 सीटें सामान्य वर्ग के लिए हैं. लोकसभा चुनाव में सभी 25 सीटों पर केन्द्रीय पर्यवेक्षक चुनाव प्रक्रिया तथा उम्मीदवारों के खर्चे पर नजर रखेंगे. उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वतंत्र-निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है. 

श्री कुमार ने बताया कि सरकारी वाहनों, हेलीकॉप्टर एवं विमान के चुनाव कार्यों में उपयोग पर भी रोक रहेगी. उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकाषन सामग्री यथा पोस्टर, पैंफलेट आदि पर प्रकाषक और मुद्रक का नाम आवष्यक रूप से प्रकाषित करना अनिवार्य होगा. ऐसा नहीं करने वाले प्रिंटिंग प्रेस स्वामियों पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 (क) के तहत कार्यवाही की जाएगी.

प्रदेश में 4 करोड़ 86 लाख से अधिक मतदाता करेंगे मताधिकार का प्रयोग 
श्री कुमार ने बताया कि मतदाता सूचियों के अंतिम प्रकाशन के अनुसार राज्य में कुल 4 करोड़ 86 लाख 3 हजार 329 मतदाता हैं. इसमें 2 करोड़ 53 लाख 86 हजार 133 पुरुष और 2 करोड़ 32 लाख 16 हजार 965 महिला मतदाता हैं. उन्होंने बताया कि 1 लाख 24 हजार 100 सर्विस मतदाता भी हैं. लोकसभा चुनाव 2014 की तुलना में 27 लाख 38 हजार 82 पुरूष, 28 लाख 70 हजार 385 महिला एवं 25 हजार 297 सर्विस वोटर्स लोकसभा चुनाव-2019 में बढ़े हैं. श्री कुमार ने बताया कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को सोमवार को बैठक आयोजित कर उन्हें चुनाव कार्यक्रम तथा आदर्श आचार संहिता की जानकारी दी जाएगी. 

2014 के मुकाबले बढ़े 56 लाख से ज्यादा मतदाता
श्री कुमार ने बताया कि वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 4 करोड़ 29 लाख 94 हजार 657 थी, जिसकी तुलना में इस लोकसभा चुनाव के लिए मतदाताओं सूचियों के अंतिम प्रकाशन के बाद 56 लाख 8 हजार 672 मतदाता बढ़े हैं. वर्तमान में 4 करोड़ 86 लाख से ज्यादा मतदाता मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. 2014 में कुल 47 हजार 947 मतदान केंद्र थे जबकि वर्तमान में 4 हजार 18 मतदान केंद्रों में बढ़ोतरी के साथ कुल 51 हजार 965 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. जिसमें सर्वाधिक 2552 पोलिंग स्टेशन बाड़मेर लोकसभा क्षेत्र में हैं.

इपिक कार्ड के साथ 11 अन्य दस्तावेजों से करें मतदान
श्री कुमार ने बताया कि लोकसभा आम चुनाव-2019 में मतदाता केवल वोटर स्लिप के आधार पर मतदान नहीं कर सकेंगे. मतदान के लिए मतदाता को इपिक कार्ड (मतदाता फोटो युक्त पहचान पत्र) दिखाना होगा. इपिक कार्ड नहीं होने की स्थिति में 11 अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक को दिखाने पर ही मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. आयोग के निर्देशानुसार इस बार के लोकसभा चुनाव में इपिक कार्ड के अलावा पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेन्स, राज्य या केन्द्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, पब्लिक लिमिटेड कम्पनियों द्वारा  अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, बैकों या डाकघरों द्वारा जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक, पेन कार्ड, आरजीआई एवं एन.पी.आर द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना द्वारा जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, विधायकों, सांसदों को जारी किए सरकारी पहचान पत्र या आधार कार्ड में से कोई एक दस्तावेज को मतदान करते समय दिखाना जरूरी होगा. मतदाता पर्ची पहचान का आधार नहीं मानी जाएगी. 

चुनावी व्यय पर रहेगी कड़ी नजर
उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार द्वारा चुनाव व्यय की सीमा 70 लाख रुपए है. चुनाव व्यय के मॉनिटरिंग के लिए आयोग द्वारा पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे. जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा जिले में चुनाव व्यय की मॉनिटरिंग प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम-से-कम 3-3 उड़न दस्ते, 1-1 सहायक निर्वाचन व्यय पर्यवेक्षक, वीडियो अवलोकन टीम और वीडियो सर्विलांस टीम के माध्यम से की जाएगी. अधिसूचना जारी होने के पश्चात् प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में न्यूनतम 3-3 स्थैतिक सर्विलांस टीम भी कार्य आरंभ कर देंगी.