करौली की इन जगहों पर पहुंचा टिड्डी दल, किसानों में भय का माहौल

जिला कृषि अधिकारी बीड़ी शर्मा ने बताया कि टिड्डियों के दल ने करौली जिले में दौसा जिले से प्रवेश किया है. 

करौली की इन जगहों पर पहुंचा टिड्डी दल, किसानों में भय का माहौल
प्रतीकात्मक तस्वीर.

आशीष चतुर्वेदी, करौली: टिड्डियों के दल ने दौसा जिले से नादौती उपखंड के घूमना, गुढ़ाचंद्रजी क्षेत्र से जिले में प्रवेश किया है. टिड्डियों के दल को देख क्षेत्र के किसानों में हड़कंप मच गया. 

कृषि विभाग और जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर क्षेत्रीय पटवारी और कृषि अधिकारियों को मौके पर भेजकर लोगों से ध्वनि यंत्र बजाकर टिड्डियों को भगाने की अपील की. टिड्डियों के दल को देखकर लोग चिंतित नजर आए. जिले के अन्य क्षेत्रों में भी टिड्डियों को देखा गया है. 

कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी टिड्डियों के मूवमेंट पर नजर रखे हुए हैं. वहीं, कृषि अधिकारी ने टिड्डियों की चेतावनी का ऑडियो सोशल मीडिया पर जारी कर किसान और आमजन को सावचेत रहने एवं ध्वनि यंत्र बजाकर टिड्डी भगाने की अपील की है. टिड्डियों का दल लगातार मूवमेंट करते हुए आगे बढ़ रहा है.

रात को ठहराव करता है टिड्डी दल
जिला कृषि अधिकारी बीड़ी शर्मा ने बताया कि टिड्डियों के दल ने करौली जिले में दौसा जिले से प्रवेश किया है. करौली जिले में एक दल श्रीमहावीरजी होते हुए परिता होते हुए वजीरपुर पहुंच गया. वहीं, दूसरा गंगापुर होते हुए अलवतकी ग्राम पंचायत राहिर सपोटरा सपोटरा में प्रवेश कर गया है, जो लगातार आगे बढ़ रहा है. टिड्डी दल रात को ठहराव करता है, इसलिए फसल में किसी प्रकार का नुकसान नहीं है. टिड्डी दल लगातार आगे मूवमेंट करता जा रहा है. शाम 7:30 बजे तक इसका मूवमेंट रहेगा. कृषि विभाग के अधिकारी जिला कलेक्टर के निर्देशन में एकजुट होकर कार्य कर रहे है. 

कृषि उद्यानकी निदेशक रामलाल जाट और अन्य अधिकारी एकजुट होकर टिड्डी नियंत्रण के लिए पूरे प्रयास में जुटे हैं. करौली जिले में जायद की फसल करीब 550 हेक्टेयर में बुवाई हुई है. उसमें मात्र 40-50 हेक्टयर में नुकसान की संभावना है. जब तक टिड्डी बैठेगी नहीं, तब तक नुकसान की कोई संभावना नहीं है. टिड्डी ने जिले में अभी कोई ठहराव नहीं किया है.