&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Pali News: पाली जिले के खारड़ा गांव की दीप्ति मेड़तिया ने अपने पिता जितेंद्रसिंह के लिए एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। जब जितेंद्रसिंह का लिवर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया और उनकी जान खतरे में थी, तब उनकी बेटी दीप्ति ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपना लिवर डोनेट करने का फैसला किया। गुड़गांव के एक अस्पताल में इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया, जिसके बाद पिता और बेटी दोनों अब स्वस्थ हैं। इस घटना ने पिता-पुत्री के अटूट रिश्ते को न केवल मजबूती दी है, बल्कि समाज में एक प्रेरणादायक उदाहरण भी स्थापित किया है.
सफल ऑपरेशन, परिवार में खुशी की लहर
जितेंद्रसिंह के लिवर की स्थिति लगातार बिगड़ रही थी, और डॉक्टरों ने लिवर ट्रांसप्लांट को एकमात्र विकल्प बताया। ऐसे में दीप्ति ने अपने पिता की जान बचाने के लिए तुरंत आगे आने का निर्णय लिया। गुड़गांव के अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने इस ट्रांसप्लांट को सफलतापूर्वक पूरा किया। ऑपरेशन के बाद जितेंद्रसिंह और दीप्ति दोनों की हालत स्थिर है, और परिवार में खुशी का माहौल है। दीप्ति की इस निस्वार्थ पहल ने न केवल उनके पिता को नया जीवन दिया, बल्कि परिवार को एकजुटता का एक नया अर्थ भी सिखाया.
दीप्ति की भावना पिता का साथ जीवन भर
लिवर डोनेशन के बारे में बात करते हुए दीप्ति ने कहा, "पिता का साथ मुझे जीवन भर चाहिए। उनके लिए यह करना मेरे लिए गर्व की बात है।" उनकी इस भावना ने सभी को भावुक कर दिया। दीप्ति की हिम्मत और उनके पिता के प्रति समर्पण की चारों ओर प्रशंसा हो रही है। यह घटना समाज को यह संदेश देती है कि प्रेम और त्याग से भरे रिश्ते ही परिवार की नींव को मजबूत करते हैं.
राजस्थान की ताज़ा ख़बरों के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें! यहां पढ़ें Rajasthan News और पाएंJaipur Newsहर पल की जानकारी. राजस्थान की हर खबर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार. जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!