पाली के पहचान बनेगी ब्रांड, रेलवे अब कुल्हड़ में देगा चाय! जानिए क्यों लिया गया है ये फैसला

Rajasthan News: केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने पाली में कुल्ड़ह उद्योग का निरीक्षण किया और कहा कि अब रेलवे में भी चाय मिट्टी के कुल्ड़ह में दी जाएगी. उन्होंने पाली कुल्लड़ को पूरे देश में ब्रांड बनाने और रोजगार बढ़ाने का प्रस्ताव रखा.

पाली के पहचान बनेगी ब्रांड, रेलवे अब कुल्हड़ में देगा चाय! जानिए क्यों लिया गया है ये फैसला
Image Credit: pali kulhad newsSource: ज़ी न्यूज़ डेस्क

Pali News: केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव आज राजस्थान के पाली जिले में पहुंचे और लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने पाली में बनने वाले मिट्टी के कुल्ड़ह उद्योग का बारीकी से निरीक्षण किया और इसकी गुणवत्ता और रोजगार संभावनाओं पर संतोष व्यक्त किया.

रेल यात्रियों को मिट्टी के कुल्ड़ह में मिलेगी चाय
मंत्री वैष्णव ने कहा कि पाली के कुल्ड़ह उद्योग में हो रहे प्रयास बेहद अभिनव हैं. उन्होंने यह भी बताया कि अब रेलवे में यात्रियों को मिलने वाली चाय भी मिट्टी के कुल्ड़ह में दी जाएगी. इससे न केवल चाय का स्वाद बढ़ेगा, बल्कि यह पर्यावरण के अनुकूल कदम भी साबित होगा. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पाली के कुल्ड़ह को पूरे देश में ब्रांड के रूप में विकसित किया जाना चाहिए.

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स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित
मिट्टी के कुल्ड़ह में चाय पीने का अनुभव सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है. इसमें आने वाली सोंधी खुशबू चाय के स्वाद और सुगंध को और बढ़ा देती है. इसके प्राकृतिक और डिस्पोजेबल होने के कारण यह स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित भी है. कुल्ड़ह का एक बार उपयोग होने से बैक्टीरिया या संक्रमण फैलने का खतरा भी कम होता है. मिट्टी में मौजूद प्राकृतिक क्षारीय तत्व मानव शरीर में अम्लता को संतुलित करने में मदद करते हैं.

पर्यावरण के लिए बेहद लाभकारी
पर्यावरण के लिहाज से भी कुल्ड़ह बेहद लाभकारी हैं. ये पूरी तरह बायोडिग्रेडेबल होते हैं और प्लास्टिक के कपों का एक टिकाऊ विकल्प पेश करते हैं. इससे पर्यावरण को प्रदूषण से बचाया जा सकता है और संसाधनों का संरक्षण भी होता है.

भारतीय संस्कृति की प्राचीन परंपरा
कुल्ड़ह का उपयोग भारतीय संस्कृति की प्राचीन परंपरा को भी दर्शाता है. यह मिट्टी के बर्तनों के उपयोग और सादगी की परंपरा को आज भी जीवित रखता है. मिट्टी के कुल्ड़ह में चाय पीना सिर्फ एक पेय का अनुभव नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक और पर्यावरण-हितैषी अभ्यास भी है. मंत्री वैष्णव ने कहा कि पाली के कुल्ड़ह को देशभर में पहचान दिलाकर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं. साथ ही यह कदम पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहर के संवर्धन की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा.

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SAGAR CHAUDHARY

SAGAR CHAUDHARY

सागर चौधरी एक अनुभवी और समर्पित सब-एडिटर हैं, जो वर्तमान में ज़ी राजस्थान के साथ जुड़े हुए हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में करीब 2 साल का अनुभव है, और इस दौरान उन्होंने तेज, सटीक और भरोसेमंद न्यूज़ कंटेंट तैयार करके अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है. राजस्थान की हर बड़ी और छोटी खबर पर उनकी अच्छी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार बनाती है. अप्रैल 2024 से वे ज़ी न्यूज़ संस्थान का हिस्सा हैं और अपनी मेहनत व काम करने की क्षमता से लगातार टीम में योगदान दे रहे हैं. सागर चौधरी का संबंध हरियाणा के फरीदाबाद से है, जहां उन्होंने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की और मीडिया क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की.
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