भरतपुर में बरसात से चौपट हुई पान की फसल, करोड़ों के नुकसान की आशंका

कृषि विभाग बयाना के सहायक निदेशक दयाराम वर्मा ने बताया कि क्षेत्र में खरैरी, बागरैन, खानखेडा और उमरैण में करीब 400 किसान पान की खेती कर रहे हैं. 

भरतपुर में बरसात से चौपट हुई पान की फसल, करोड़ों के नुकसान की आशंका
पहले यहां 500 परिवार इस व्यवसाय से जुड़े हुए थे.

देवेन्द्र सिंह/भरतपुर: राजस्थान के बयाना और वैर क्षेत्र में पैदा होने वाले पान के स्वाद से पाकिस्तानियों सहित कई अन्य देशों के लोग मुंह का स्वाद मीठा करते हैं. वहीं, इस बार यहां के पान का स्वाद कुछ मीठा नहीं बल्कि तीखा होने वाला है.

खबर के मुताबिक, बयाना और वैर क्षेत्र के खरैरी, बागरैन और उमरैण समेत कई गांवों में पैदा होने वाले पान का स्वाद इस बार पाकिस्तान समेत कई अन्य मुस्लिम देश के लोग नहीं चख पाएंगे. बे मौसम बरसात, कोहरा, तेज सर्दी और पाले की वजह से इस बार क्षेत्र के पान की फसल चौपट हो चुकी है. हालात यह है कि क्षेत्र में करीब 400 किसान पान की खेती के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और सभी की फसलों में भारी नुकसान है.

इस साल बयाना के पान का स्वाद नहीं चख पाएंगे लोग 
किसानों की माने तो पान की खेती में करीब 13 करोड़ का नुकसान होने की आशंका है. वहीं, कृषि विभाग के अधिकारियों ने क्षेत्र के पान के खेतों (बरेजा) में जाकर नुकसान का जायजा लिया है. गांव खरैरी, बागरैन के किसान बिहारीलाल तमोली ने बताया कि गांव में करीब 300 किसान पान की खेती के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं. लेकिन इस बार तेज सर्दी और पाले की वजह से पान की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है. किसानों ने फसल में हुए नुकसान के मुआवजे के लिए बयाना एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा है. लेकिन अभी तक विभाग की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है. 

पान की खेती से हो रहा मोहभंग
किसानों ने बताया कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में पान की खेती करने वाले किसानों को वहां की सरकार मदद करती है. लेकिन राजस्थान सरकार की ओर से यहां पान की खेती करने वाले किसानों को कोई मदद नहीं दी जाती. ऐसे में युवा पीढ़ी का पान की खेती से मोहभंग हो रहा है. साल 2002, 2003, 2004 और 2015 में पान की खेती में इसी प्रकार नुकसान हुआ था. वही वजह रही कि पान की खेती के व्यवसाय से जुड़े हुए करीब 200 परिवार यहां से पलायन कर चुके हैं. पूर्व में यहां 500 परिवार इस व्यवसाय से जुड़े हुए थे.

विभाग ने किया नुकसान का निरीक्षण
कृषि विभाग बयाना के सहायक निदेशक दयाराम वर्मा ने बताया कि क्षेत्र में खरैरी, बागरैन, खानखेडा और उमरैण में करीब 400 किसान पान की खेती कर रहे हैं. पान की खेती से जुड़े किसानों के बरेजा का निरीक्षण किया, जिसमें काफी नुकसान होना सामने आया है. इसका सर्वे कर उच्चाधिकारियों को भेजेंगे और किसानों को सुविधा दिलाने की सिफारिस भी करेंगे.

यह उपाय हो सकते हैं कारगर
तेज सर्दी होने के दौरान यदि किसान अपने बरेजा में मटकों में कंडे जलाकर तापमान बढ़ा दें तो पान की खेती में नुकसान को रोका जा सकता है. पाला पड़ने के बाद यदि किसान 1 लीटर पानी में 1 ग्राम ग्लूकोज मिलाकर पान की खेती पर छिड़काव कर दें तो पान की फसल में फिर से फुटान हो सकता है.गौरतलब है कि बयाना और वैर क्षेत्र के खरैरी, बागरैन, खानखेडा और उमरैण गांव में पैदा होने वाला पान पाकिस्तान समेत सऊदी अरब, बांग्लादेश सहित कई अन्य देशों में निर्यात होता है.