पारीक दंपत्ति ने कुछ इस तरह मनाई अपनी शादी की वर्षगांठ, बन गई मिसाल

अग्नि के समक्ष सात वचन भरकर जीवनसाथी बनने वाले एक रक्‍तवीर पारीक दंपत्ति ने अपने विवाह की 15 वीं वर्षगांठ को रक्‍तदान कर जीवन के विशेष आयोजनों को अनूठे तरीके से मनाने की आमजन के लिए अनूठी मिशाल पेश की है.

पारीक दंपत्ति ने  कुछ इस तरह मनाई अपनी शादी की वर्षगांठ, बन गई मिसाल
पारीक दंपत्ति ने रक्‍तदान कर मनाई शादी की वर्षगांठ

हनुमान तंवर, नागौर: अग्नि के समक्ष सात वचन भरकर जीवनसाथी बनने वाले एक रक्‍तवीर पारीक दंपत्ति ने अपने विवाह की 15 वीं वर्षगांठ को रक्‍तदान कर जीवन के विशेष आयोजनों को अनूठे तरीके से मनाने की आमजन के लिए अनूठी मिशाल पेश की है. दरअसल, नागौर जिले के कुचामनसिटी के एडवोकेट ओमप्रकाश पारीक व उनकी धर्मपत्‍नी श्रीमती पार्वती पारीक ने गुरूवार को अपनी शादी की वर्षगांठ को जरूरतमंदों के लिए रक्‍तदान कर अनूठी मिशाल पेश की ओर सभी से जीवन के विशेष आयोजनों को अनूठे तरीके से मनाने की प्रेरणा दी है.

नागौर जिले के कुचामनसीटी के रक्‍तवीर दपंत्ति एडवोकेट ओमप्रकाश  पारीक व श्रीमति पार्वती पारीक की आज शादी की पन्‍द्रहवी वर्षगांठ है. दोनों ने लॉक डाउन में जरूरतमंदों की सेवा के लिए वर्षगांठ को अनूठे तरीके से मनाया और रक्‍तदान करने कुचामन के श्री श्‍याम ब्‍लड बैंक पहुंचे. दोनों का श्री श्‍याम ब्‍लड बैंक प्रतिनिधियों की और से सम्‍मान किया गया और दोनों का माला पहनाकर सम्‍मान किया गया. 

एडवोकेट ओमप्रकाश पारीक ने बताया कि लॉक डाउन के चलते ब्लड बैंकों में रक्‍त की कमी आ रही है. ऐसे में जरूरतमंदों को रक्‍त की कमी महसूस नहीं हो इसलिए उन्होंने रक्‍तदान किया ताकि और भी लोग विशेष अयोजनों को इस तरह से मनाए ताकि किसी की मदद हो सके.

एडवोकेट ओमप्रकाश पारीक के परिचितों व साथियों समाजसेवी ईश्‍वर राम सहित साथियों ने पारीक दपंत्ति को शादी की वर्षगांठ की मुबारकवाद दी और परिजनों ने भी रक्‍तदान कर इस आयोजना के चार चांद लगा दिए. परिजनों का कहना था कि आज कोरोना के चलते विशेष आयोजन जो भी हो उन्‍हें पारीक दंपत्ति से प्रेरणा लेकर जरूरतमंदों की सेवा करनी चाहिए और इसी मकसद से उन्‍होंने यहां रक्‍तदान किया. रक्‍तवीरों को समाजसेवी ईश्‍वर राम ने श्री श्‍याम ब्‍लड बैंक कुचामनसिटी की ओर से प्रशस्ति पत्र भेंट किया और सभी रक्‍तवीरों का सम्‍मान किया.

पारीक दंपत्ति ने अपनी शादी की वर्षगांठ पर रक्‍तदान कर विशेष अयोजनों को जरूरतमंदों की मदद के लिए आयोजन कर पीड़ित मानव की सेवा की मिशाल कायम की है.

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