झालावाड़ में हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होकर भी मरीज नहीं जा पा रहे घर, ये है वजह

कोरोना संक्रमण को लेकर पूरे देश में शट डाउन है. 

झालावाड़ में हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होकर भी मरीज नहीं जा पा रहे घर, ये है वजह
प्रतीकात्मक तस्वीर.

महेश परिहार, झालावाड़: कोरोना आपदा से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. लोग घरों में बंद हैं लेकिन सबसे बुरे हालात उन लोगों के हैं, जो बीमारी के दौरान अस्पताल में भर्ती हुए थे. अब चिकित्सकों ने स्वास्थ्य सुधार के बाद इन मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज तो कर दिया, लेकिन मरीजों के सामने सबसे बड़ी परेशानी यह है, कि यह मरीज अपने घर जाएं तो कैसे?

कोरोना संक्रमण को लेकर पूरे देश में शट डाउन है. आवागमन हेतु निजी और सरकारी परिवहन वाहनों का संचालन भी पूरी तरह बंद है. हालात यह हैं कि मरीजों और उनके तीमारदारों की मानें तो उन्हें घरों तक छोड़ने के लिए 108 एंबुलेंस द्वारा भी मनमानी शुल्क राशि मांगी जा रही है. 

वहीं निजी एंबुलेंस संचालक भी उन्हें ले जाने में असमर्थ हैं क्योंकि जाते समय तो पेशेंट उनके साथ होगा, लेकिन आते समय बिना पेशेंट के पुलिसकर्मी नाकेबंदी पर उन्हें रोक लेंगे और चालान काटकर भारी शुल्क वसूल लेंगे. ऐसे में जिला अस्पताल से डिस्चार्ज किए गए मरीजों और तीमारदारों के सामने भारी परेशानी खड़ी हो गई है.

यहां तक कि उनकी पीड़ा को सुनने वाला भी कोई नहीं. ऐसे में अस्पताल से डिस्चार्ज हो जाने के बावजूद मरीज और तीमारदार अभी भी अस्पताल परिसर को नहीं छोड़ पा रहे.