नागौर दलित उत्पीड़न केस को लेकर PCC ने सौंपी सचिन पायलट को रिपोर्ट

कमेटी के सदस्य मास्टर भंवर लाल मेघवाल संगठन महासचिव महेश शर्मा और विधायक हरीश मीणा ने पीड़ित के गांव जाकर मौका मुआयना किया था.

नागौर दलित उत्पीड़न केस को लेकर PCC ने सौंपी सचिन पायलट को रिपोर्ट
रिपोर्ट में कमेटी ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की इस प्रकरण में गलती मानी है.

नागौर: राजस्थान के नागौर में दलित मारपीट मामले में पीसीसी ने अपनी रिपोर्ट सचिन पायलट को सौंप दी है. सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक रिपोर्ट में कमेटी ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की इस प्रकरण में गलती मानी है. जिस नागौर एसपी को सरकार बचाने की कोशिश कर रही है. उसी एसपी की लापरवाही कमेटी की रिपोर्ट में सामने आई है. 

कमेटी के सदस्य मास्टर भंवर लाल मेघवाल संगठन महासचिव महेश शर्मा और विधायक हरीश मीणा ने पीड़ित के गांव जाकर मौका मुआयना किया था. उनके बयान के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है. हालांकि, रिपोर्ट को लेकर अभी तक कांग्रेस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. 

साथ ही, आरएलपी विधायक नारायण बेनीवाल ने इस मामले में नागौर एसपी को हटाने की मांग को लेकर आज भी विरोध जताया है. वहीं, नारायण बेनीवाल ने कहा है कांग्रेस सरकार एसपी को बचा रही है जब तक एसपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी वह अपना विरोध जारी रखेंगे.

गौरतलब है कि राजस्थान के नागौर जिले में दो दलित युवकों के साथ बर्बरता का वीडियो सामने आया था. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. घटना 16 फरवरी की बताई जा रही थी. 19 फरवरी को पांचोड़ी थाने में मामला दर्ज हुआ.

पीड़ितों के अनुसार उनको जान से मारने की धमकी दी जा रही थी. डर के मारे वो मामला दर्ज नहीं करवा पा रहे थे. बुधवार को किसी तरह पीड़ितों ने हिम्मत दिखाते हुए पांचोड़ी थाने में मामला दर्ज करवाया, जिसके बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

वीडियो में दिख रहा है कि कुछ लोग युवकों को बुरी तरह से पीट रहे हैं. पहले चमड़े के बेल्ट से युवकों की पिटाई की. इसके बाद भी जब मन नहीं भरा तो युवक के प्राइवेट पार्ट्स में पेट्रोल डाल दिया. घटना खींवसर के करणु गांव की थी.