जयपुर: नोटबंदी के फेर से नहीं निकल सके व्यापारी, ज्वैलर्स पर लगी सौ फीसदी तक की पेनल्टी

आयकर विभाग ने जयपुर ज्वैलर्स एसोसिएशन के मांगपत्र पर जवाब देते हुए कहा कि ज्वैलर्स को डिमांड राशि का बीस फीसदी ही जमा करवाने पर स्टे ऑर्डर मिलेगा. 

जयपुर: नोटबंदी के फेर से नहीं निकल सके व्यापारी, ज्वैलर्स पर लगी सौ फीसदी तक की पेनल्टी
आयकर विभाग ने नोटबंदी के समय हुई बिक्री पर सवाल खड़े करते हुए सौ फीसदी पेनल्टी लगाई है.

जयपुर: नोटबंदी का साया अभी भी ज्वैलर्स का पीछा नहीं छोड़ रहा है. आयकर विभाग के नोटिस मिलने पर ज्वैलर्स एसोसिएशन की अपील का परिणाम ज्वैलर्स के पक्ष में नहीं आया. 

नोटबंदी की घोषणा के बाद ज्वैलर्स ने पुराने हजार और पांच सौ के नोटों के जरिए करोड़ों रुपये का सोना बेचा. कारोबारियों ने इस पूरे लेन-देन को अपने बहीखातों में दिखाया, वाजिब टैक्स भी दिया, लेकिन आयकर विभाग को यह पूरा लेन-देन संदिग्ध नजर आया. विभाग ने ज्वैलर्स को ताकीद किया है कि  डिमांड राशि जमा करवाए या स्टे लें. नहीं तो आयकर विभाग कार्रवाई करेगा. इसके बाद से ज्वैलर्स में हड़कंप है.

आयकर विभाग ने जयपुर ज्वैलर्स एसोसिएशन के मांगपत्र पर जवाब देते हुए कहा कि ज्वैलर्स को डिमांड राशि का बीस फीसदी ही जमा करवाने पर स्टे ऑर्डर मिलेगा. आयकर विभाग ने कहा कि कारोबारियों को 31 जुलाई 2017 के आदेश के अनुसार ही डिमांड राशि जमा करवानी पड़ेगी. जयपुर के ज्वैलर्स का कहना है कि उन्होंने नोटबंदी के दिन उपभोक्ताओं से पुराने नोट लेकर खरा सोना बेचा. यह सौदा उन्हें भी खरा लगा क्योंकि पुराने हजार और पांच सौ के नोटों का प्रचलन उस दिन तक था. 

तीन साल बाद लेन-देन आयकर विभाग को संदिग्ध नजर आया
आठ नवंबर को कोई शुभ मुहूर्त नहीं होते हुए भी जयपुर, जोधपुर, अलवर, भीलवाड़ा, बीकानेर, उदयपुर, कोटा समेत बड़े शहरों में रिकॉर्ड स्तर पर कीमती धातुओं की बिक्री रही. उस दिन देर रात तक ज्वैलरी की दुकानें भी खुली रहीं. बंपर बिक्री ने ज्वैलर्स के चेहरे पर नोटबंदी की चिंता भी मिटा दी. अब तीन साल बाद यह लेन-देन आयकर विभाग को संदिग्ध नजर आया है. करीब 150 बड़े ज्वैलर्स पर नोटबंदी के दिन लेखाबहियों में दर्ज बिक्री के जरिए पुराने नोटों को खपाने का संदेह है. 

आयकर विभाग ने इसके चलते नोटबंदी के समय हुई बिक्री पर सवाल खड़े करते हुए सौ फीसदी पेनल्टी लगाई है. परेशान कारोबारी आयकर विभाग के दरवाजे पर वर्ष 2016-17 की स्क्रूटनी पर राहत की दरख्वास्त लेकर पहुंचे. विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यह प्रक्रिया के तहत हुआ है. अगर फिर भी किसी को समस्या है तो सुलझाई जाएगी. 

आयकर विभाग के लिए लक्ष्य तक पहुंचना चुनौती बना
प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त नीना निगम ने कारोबारियों को आश्वस्त किया कि जो गाइड लाइन पेट्रोल पंप और ज्वैलर्स के लिए जारी की गई है, उसी के आधार पर काम होगा, किसी भी कारोबारी को परेशानी नहीं होगी. चालू वित्त वर्ष में आयकर विभाग के लिए लक्ष्य तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है. राजस्थान के लिए सीबीडीटी ने 25,895 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य तय किया गया. यह दो दशक में पहली बार हुआ कि तय लक्ष्यों तक पहुंचने में आयकर विभाग को पसीने आ गए. 

राजस्थान में अब तक वसूली महज 14 हजार करोड़ रुपये हुई है. आमतौर पर दिसंबर अंत तक चालू वित्त वर्ष का 75 फीसदी राजस्व विभाग वसूल लेता है. अब आयकर विभाग चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में सख्त रुख अपना रहा है. सालाना आयकर वसूली के साथ ही बकाया वसूली पर भी विभाग फोकस कर रहा है. यहीं वजह है कि ज्वैलर्स को राहत मिलने की उम्मीद कम ही है.