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हनुमानगढ़ में जनता ने सरकार से की सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की मांग

हनुमानगढ़ राज्य का एकमात्र जिला मुख्यालय है जो दो शहरों हनुमानगढ़ टाउन और हनुमानगढ़ जंक्शन में विभाजित है. 

हनुमानगढ़ में जनता ने सरकार से की सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की मांग
हनुमानगढ़ जंक्शन जिला मुख्यालय है.

हनुमानगढ़: राज्य सरकार चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा देने के भले ही लाख दावे करे मगर हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर सरकार के ये दावे नकारा साबित हो रहे हैं. जिला मुख्यालय होने के बावजूद हनुमानगढ़ जंक्शन पर नागरिक बरसों से जिला स्तरीय चिकित्सालय की मांग कर रहे हैं. जिला मुख्यालय के नागरिक मात्र तीन बैड की एक छोटी सी डिस्पेंसरी पर ही निर्भर है जो कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तक नहीं है.

हनुमानगढ़ राज्य का एकमात्र जिला मुख्यालय है जो दो शहरों हनुमानगढ़ टाउन और हनुमानगढ़ जंक्शन में विभाजित है. जिसमें हनुमानगढ़ जंक्शन जिला मुख्यालय है और बावजूद इसके हनुमानगढ़ जंक्शन जिला मुख्यालय एक अदद सरकारी चिकित्सालय को बरसों से तरस रहा है. जंक्शन के नागरिक एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और एक राजकीय डिस्पेंसरी के भरोसे ही हैं. जबकि कैनाल कॉलोनी में स्थित इस राजकीय डिस्पेंसरी को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तक का दर्जा नहीं है. मात्र तीन बैड के भरोसे चलने वाली इस राजकीय डिस्पेंसरी में सालभर में मरीजों की संख्या तो 75 हजार से ज्यादा है मगर सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है. यहां तक कि एक्स-रे रूम, मेडिकल स्टोर तक को गाडि़यां खड़ी करने वाले गैराज में चलाना पड़ रहा है जिससे नागरिकों में आक्रोश है.

यूं तो जिला प्रशासन ने हनुमानगढ़ जंक्शन में जिला स्तरीय राजकीय चिकित्सालय खोलने के लिए हनुमानगढ़ जंक्शन में करीब 25 बीघा जमीन को आरक्षित कर रखा है. लेकिन बरसों गुजरने के बावजूद इस जमीन पर चिकित्सालय बनना तो दूर, आरक्षित भूमि पर आसपास के नागरिकों ने अतिक्रमण तक कर लिए. जिला प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों पर भी कोई कार्रवाई करना उचित नहीं समझा. यहां तक कि इस आरक्षित जमीन पर सरकारी कर्मचारियों के लिए एक चिकित्सालय चल रहा था उसको भी बंद कर दिया गया. ऐसे में जंक्शन के नागरिक एक छोटी सी राजकीय डिस्पेंसरी पर ही निर्भर होकर रह गये हैं. आपातकालीन स्थिति में मरीजों को हनुमानगढ़ जंक्शन से करीब 12 किलोमीटर दूर हनुमानगढ़ टाउन के जिला चिकित्सालय जाना पड़ता है और लम्बी दूरी होने के कारण कई बार मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं.

हनुमानगढ़ जंक्शन में जिला स्तरीय चिकित्सालय की नागरिकों की मांग बरसों पुरानी है. इस दौरान कई सरकारें आई और गई मगर किसी भी सरकार ने इस गंभीर मुद्दे पर सजगता नहीं दिखाई, जिससे नागरिकों में भी आक्रोश है. वहीं जंक्शन की राजकीय डिस्पेंसरी के प्रभारी चिकित्सक तक इस मांग को जायज बताते हुए जंक्शन में जिला स्तरीय राजकीय चिकित्सालय खोलने की मांग कर रहे हैं.

यूं तो चिकित्सा, शिक्षा आदि नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं में शुमार है, मगर हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय को इसका अपवाद ही कहा जायेगा कि जिला मुख्यालय होने के बावजूद यहां के नागरिक एक अदद राजकीय डिस्पेंसरी पर ही निर्भर हैं. इस मामले में ना तो जिला प्रशासन गंभीर है और ना ही जनप्रतिनिधियों ने भी कभी इस गंभीर मुद्दे पर सजगता दिखाई. ऐसे में जंक्शन के नागरिक उस समय का इंतजार कर रहे हैं. जब उनको अपने शहर में भी एक चिकित्सालय नसीब होगा ताकि वे भी समय रहते चिकित्सा सुविधाओं का लाभ ले सकें. यह समय कब आयेगा इसका जबाव ना तो जिला प्रशासन के पास है और ना ही राजनेताओं के पास.