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जयपुर में दिखी गंगा जमुनी तहजीब, लोगों ने साथ मनाया सावन का सोमवार और बकरीद

पिंकसिटी सहित पूरे प्रदेश में एक तरफ हिन्दू लोग मुस्लिमों को ईद की शुभकामनाएं दी, वहीं मुस्लिम भी हिन्दुओं की कावंड यात्रा का स्वागत करते नजर आए.

जयपुर में दिखी गंगा जमुनी तहजीब, लोगों ने साथ मनाया सावन का सोमवार और बकरीद
लोगों ने एक दूसरे को बधाई भी दी.

जयपुर: गुलाबीनगरी में एक बार फिर गंगा जमुनी तहजीब की निर्मल धारा बहती दिखाई दी. मंदिरों में जलाभिषेक के लिए शिव भक्त उमड़े तो सुबह-सुबह नमाज अदा करने के लिए नमाजियों की भीड़ भी ईदगाह पर पहुंची. सावन के आखिरी सोमवार के साथ अमन और चैन के बीच ईद-उल-अजहा की नमाज भी अदा की गई. जहां दोनों समुदाय के लोगों ने सुख-समृद्धि और अमन-चैन मांगा. एक तरफ मंदिरों में जहां बम भोले की गूंज सुनाई दी, तो मस्जिदों में सफेद पोशाक में नमाजी नमाज अदा करते दिखे.

छोटी काशी के नाम से मशहूर जयपुर में सोमवार को अलग ही नजारा देखने को मिला. जब दोनों धर्मावलंबी एक साथ अपने-अपने त्यौहार मना रहे हैं. एक तरफ जहां बम-बम भोले करती सावन के आखिरी सोमवार को कावंड यात्राएं निकली. वहीं दूसरी तरफ ईद-उल-जुहा बकरीद की नमाज अता करते मुस्लिम धर्मावलंबी नजर आए. सावन का आखिरी सोमवार होने के साथ आज बकरीद का भी है. यानि सुबह से ही जहां मंदिरों में ओम नम शिवाय और शंख की आवाज सुनाई दी. वहीं मस्जिदों से बकरीद की स्पेशल नमाज के वक्त अजान सुनाई दी.

सावन का महीना हिंदू धर्म के लोगों के लिए महत्व रखता है दूसरा ईद भी है जो मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण है. भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत भी आज के दिन पड़ रहा है. कुल मिलाकर छोटीकाशी सहित पूरे प्रदेश में माहौल भक्तिमय है. सावन का आखिरी सोमवार होने के साथ ही मंदिरों में सुबह तड़के ही कतारें लगना शुरू हो गई थीं. शिव के दर्शन के लिए दिन खिलने के साथ कतारें भी लंबी होती गईं. लोगों ने अपने भोले बाबा को मनाने के लिए विशेष पूजा-अर्चना की और शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा चढ़ाया. वहीं कई जगह दुग्धाभिषेक भी किया गया. इसके अलावा सुबह सात बजे से नमाजी भी ईदगाह में इकठ्ठा होना शुरू हो गए. आठ बजते ही शांति व्यवस्था के बीच ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई, इसके बाद लोगों ने एक दूसरे को इसकी बधाई भी दी.

पिंकसिटी सहित पूरे प्रदेश में एक तरफ हिन्दू लोग मुस्लिमों को ईद की शुभकामनाएं दी, वहीं मुस्लिम भी हिन्दुओं की कावंड यात्रा का स्वागत करते नजर आए. सावन का अंतिम सोमवार को निकलने वाली कावंड यात्राएं और ईद की नमाज के लिए पुलिस प्रशासन ने भी चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की. इसके चलते सोमवार को परकोटे में रूट डायवर्जन भी किया गया. वहीं शहर के प्रमुख जौहरी बाजार, रामगंज बाजार में नो पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है. दोनों पर्व एक साथ पडऩे के कारण प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं बरती. चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान कड़ी निगरानी करते दिखाई दिए. सावन के अंतिम सोमवार को शिव भक्त बड़ी संख्या में कावड़ यात्रा निकाली. शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमडी. चौड़ा रास्ता स्थित ताड़केश्वरजी मंदिर, झारखंड, चमत्कारेश्वर महादेव पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही.
 
बहरहाल, हजारों सालों से गंगा-जुमना तहजीब में हिंदुस्तान का दिल और दामन इस कदर बढ़ रहा है की हममें इस्लाम ही नहीं दुनिया के हर मजहब के लोग एक दूसरे के त्यौहारों को सेलिब्रेट करते आ रहे हैं. दोनों मजहब में एकता बनी रहनी चाहिए साथ ही खुद की सोच को दूसरों को ना थोपा जाए तब ही दोनों मजहब में प्रेम बना रहेगा.