अंधड़ और ओलावृष्टि से झालावाड़ में कई परिवार हुए बेघर, बोले- खाने तक को कुछ नहीं बचा

घर की राशन सामग्रियां तेज बारिश से खराब हो गईं. 

अंधड़ और ओलावृष्टि से झालावाड़ में कई परिवार हुए बेघर, बोले- खाने तक को कुछ नहीं बचा
प्रतीकात्मक तस्वीर.

महेश परिहार, झालावाड़: गुरुवार की रात झालावाड़ जिलेवासियों के लिए कहर बनकर गुजरी. तेज आंधी तूफान और ओलावृष्टि ने जिले के दर्जनों परिवारों को बेघर कर दिया. कहीं कच्चे मकान टूटे, तो किसी का आशियाना छिन गया.

ऐसे में कोरोना आपदा के दौरान शटडाउन के चलते घरों में दुबके कई लोगों के पास खाने का दाना तक नहीं बचा. घर की राशन सामग्रियां तेज बारिश से खराब हो गईं. ऐसे में पीड़ित परिवारों की दर्जनों महिलाओं ने झालावाड़ मिनी सचिवालय के सामने एकत्रित होकर जमकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के आगे मदद की गुहार लगाई.

प्रशासनिक अधिकारियों ने महिलाओं को राशन सामग्री सहित हर संभव मदद का भरोसा दिया, तो कई समाजसेवी संस्थाएं भी राशन सामग्रियों का वितरण करने में जुट गई हैं.

गौरतलब है कि कोरोना महामारी से बचने के लिए शटडाउन की पीड़ा झेल रहे लोगों के आगे तेज अंधड़ और ओलावृष्टि ने मुसीबतों को बढ़ा दिया है. ऐसे में सर्वाधिक मुसीबतें बेघर हो चुके परिवारों को झेलनी पड़ रही है, जिन्हें प्रशासन और समाज सेवी संस्थाओं की मदद ही राहत दे सकेगी.

गौरतलब है कि इन दिनों जिले के विभिन्न इलाकों में गेहूं और चना की फसल खराब हो रही है. गेहूं की फसल लगभग पककर तैयार हो चुकी है, वहीं कई जगह तो किसानों ने फसल को काट लिया है, लेकिन अभी गेहूं के पूड़ा बनाकर खेतों में ही डाले हुए हैं लेकिन इसी बीच शुक्रवार तड़के और इसके बाद दिन में भी दो-तीन बार बारिश हुई, जिससे गेहूं की बालियां भींग गईं. कई जगह तेज हवा से फसल पसर गई. यह देख किसान नुकसान को लेकर चिंतित हो उठे.