इंजीनियर्स की पॉलिटिक्स में उलझी DPC, अब PHED में अगले साल ही प्रमोशन के आसार

जलदाय विभाग को इस साल 5 चीफ इंजीनियर्स मिलने थे, लेकिन आपसी खींचतान में कुर्सी का खेल अब तक चल रहा है.

इंजीनियर्स की पॉलिटिक्स में उलझी DPC, अब PHED में अगले साल ही प्रमोशन के आसार
प्रतीकात्मक तस्वीर.

जयपुर: पीएचईडी (Public Health Engineering Department) में इस साल डीपीसी पूरे होने के आसार अब पूरी तरह से खत्म होते दिखाई दे रहे. अब इंजीनियर्स को अगले साल ही प्रमोशन (Promotion) होने की उम्मीद दिखाई दे रही है. पीएचईडी आला अफसरों के लापरवाही और विवादित पैनल के चलते बार बार प्रमोशन (Promotion) का पैच अटकता जा रहा है, जिस कारण अब इंजीनियर्स को लगता है कि नए साल में प्रमोशन (Promotion) हो पाएगा.

प्रमोशन अटके, कुर्सी खाली
पीएचईडी विभाग में सालों से इंजीनियर्स की कुर्सी खाली है, लेकिन इस बात से बेपरवाह जलदाय विभाग खाली कुर्सियों पर नजर घुमाना ही नहीं चाहता. भले ही डीपीसी की मंजूरी आरपीएससी को देनी हो, लेकिन खाली कुर्सी को भरने की तैयारी तो पीएचईडी विभाग को ही करनी होगी. 23 सितंबर को मंजूरी होने वाली डीपीसी अब ठंडे बस्ते में है. अब इंजीनियर्स को उनके रिटायरमेंट से पहले ये तक पता नहीं कि उनका प्रमोशन (Promotion) होगा भी या नहीं. कई इंजीनियर्स तो ऐसे हैं, जो प्रमोशन (Promotion) के इंतजार में पहले ही रिटायर्ड हो गए.

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कुर्सियों को साहब का इंतजार, इतने पद खाली
पीएचईडी में कुर्सियों को साहब का इंतजार है. विभाग में 5 मुख्य अभियंता, 14 अतिरिक्त मुख्य अभियंता, 29 अधीक्षक अभियंता, 68 अधिशासी अभियंता और 100 से ज्यादा सहायक अभियंता के पद खाली पड़े हैं.

अब तो आरपीएससी के बुलावे का इंतजार
जलदाय विभाग को इस साल 5 चीफ इंजीनियर्स मिलने थे, लेकिन आपसी खींचतान में कुर्सी का खेल अब तक चल रहा है. इंजीनियर्स की आपसी राजनीति के चलते भी इस साल डीपीसी पूरी तरह से उलझकर रह गई. अब इंजीनियर्स को इस साल डीपीसी की उम्मीद खत्म हो गई. इस पूरे मामले पर पीएचईडी मंत्री बीडी कल्ला कहते है कि प्रमोशन (Promotion) के लिए फाइल विभाग ने आरपीएससी भेजी जा चुकी है, वहां से डीपीसी के लिए फिर से बुलाया जाएगा, तब ही डीपीसी पूरी हो पाएगी.