पं. जवाहरलाल नेहरू की 130वीं जयंती पर चित्र प्रदर्शनी का हुआ आयोजन, CM गहलोत ने कहा...

राजस्थान के विभिन्न कार्यक्रमों में आए पंडित नेहरू के जीवन से जुड़े चित्र भी सीएम ने गौर से देखें और चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा के साथ उस दौर की यादों को साझा करते हुए नजर आए. 

पं. जवाहरलाल नेहरू की 130वीं जयंती पर चित्र प्रदर्शनी का हुआ आयोजन, CM गहलोत ने कहा...

जयपुर: देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के 130वीं जयंती पर जवाहर कला केंद्र में उनके जीवन से जुड़े चित्रों की प्रदर्शनी का आयोजन हुआ. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अगर हिंदुस्तान में एक बड़ी ताकत है तो उसके पीछे सबसे बड़ा योगदान देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का है लेकिन दुर्भाग्य यह है कि जिन लोगों ने देश की आजादी की जंग में अंगुली तक नहीं कटाई वो ना केवल देश की सत्ता पर काबिज हैं बल्कि पंडित जवाहरलाल नेहरू के बारे में शर्मनाक कमेंट भी करने से नहीं चूकते हैं.

देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु की 130वीं जयंती के अवसर पर जवाहर कला केंद्र में चित्र प्रदर्शनी और विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पंडित नेहरू के जीवन से जुड़े चित्रों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और काफी देर तक उनके जीवन यात्रा से जुड़े चित्रों का अवलोकन किया. इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पंडित नेहरू के आइंस्टाइन के साथ चित्र को काफी देर तक निहारते रहे. 

राजस्थान के विभिन्न कार्यक्रमों में आए पंडित नेहरू के जीवन से जुड़े चित्र भी सीएम ने गौर से देखें और चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा के साथ उस दौर की यादों को साझा करते हुए नजर आए. विचार संगोष्ठी में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, पंडित नेहरू ही सही मायने में आधुनिक भारत के निर्माता थे. एक अमीर बाप का बेटा जो पूरी जिंदगी आराम से बिता सकता था लेकिन उसे त्याग कर आजादी की जंग में कूद पड़ा. 13 साल जेल में बिताए उनमें कुछ बात थी कि तभी देश ने आजादी के बाद 17 सालों तक उन्हें देश के प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी दी. आज भारत और पाकिस्तान में जो सबसे बड़ा अंतर है वह पंडित जवाहरलाल नेहरू के विचारों सिद्धांतों का है. जब देश में सुई भी नहीं बनती थी उस समय उन्हें कमान मिली थी लेकिन आज देश चंद्रयान मंगलयान जैसी कामयाबी को छू रहा है. 

अशोक गहलोत ने कहा कि जिन लोगों ने देश की आजादी की जंग में अंगुली तक नहीं कटाई वो लोग आज सत्ता में बैठे हैं. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सोशल मीडिया के जरिए पंडित नेहरू के बारे में भ्रामक प्रचार किया जा रहा हैं. ये उनके विजन और सोच का ही कमाल है कि आज हिंदुस्तान की ख्याति पूरी दुनिया में है. नरेंद्र मोदी जब विदेशों में जाते हैं तो उन्हें जो सम्मान मिलता है उसकी एक वजह आज हिंदुस्तान का वह कद है जिसे बनाने में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपनी पूरी जिंदगी लगा दी लेकिन जिस तरह की भाषा और कमैंट्स उनको लेकर किए जाते हैं यह बेहद शर्मनाक है.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, आज की पीढ़ी को उनकी लिखी किताब डिस्कवरी ऑफ इंडिया और उन पर बने सीरियल को देखना चाहिए. आज के इस दौर में इसकी प्रासंगिकता उस दौर से कहीं अधिक हो गई है. गहलोत ने कहा उन्होंने बाल अकादमी का जो गठन किया है. उसका मकसद यही है कि बाल साहित्य खासतौर पर पंडित नेहरू का जो बच्चों से विशेष स्नेह था उसके बारे में अधिक से अधिक जानकारी का प्रचार-प्रसार हो सके.

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अलावा चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा, कांग्रेस विधायक अमित चाचा, जेकेके की डायरेक्टर किरण सोनी गुप्ता और नेहरू गांधी विचारधारा से जुड़े लोगों के अलावा बड़ी संख्या में युवा वर्ग भी मौजूद था. इसमें कहीं कोई दो राय नहीं है कि आधुनिक भारत को नई शक्ल देने वाले लोगों में पंडित जवाहरलाल नेहरू का नाम सबसे ऊपर था. आज की युवा पीढ़ी को सोशल मीडिया पर चलने वाली भ्रामक पोस्ट से बचकर हकीकत में उन्हें जानने और समझने का प्रयास करना चाहिए.