Dungarpur News: राजस्थान के डूंगरपुर जिले में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से जर्जर स्कूलों के करवाए गए सर्वे में चौकाने वाले आंकड़े सामने आये हैं. सर्वे में डूंगरपुर जिले में 209 स्कूलों के भवन पूर्ण रूप से जर्जर मिले हैं. इसके साथ 2 हजार 252 स्कूलों के 2 हजार से अधिक कक्षा-कक्ष पूर्ण जर्जर और 4 हजार से अधिक कक्षा-कक्ष मरम्मत योग्य मिले हैं.
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Dungarpur are completely dilapidated
Dungarpur News: प्रदेश के झालावाड़ में हुए स्कूल हादसे के बाद डूंगरपुर जिले में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से जर्जर स्कूलों के करवाए गए सर्वे में चौकाने वाले आंकड़े सामने आये हैं. सर्वे में डूंगरपुर जिले में 209 स्कूलों के भवन पूर्ण रूप से जर्जर मिले हैं. इसके साथ 2 हजार 252 स्कूलों के 2 हजार से अधिक कक्षा-कक्ष पूर्ण जर्जर और 4 हजार से अधिक कक्षा-कक्ष मरम्मत योग्य मिले हैं. इधर जर्जर भवन और कक्षा-कक्ष मिलने के बाद डूंगरपुर जिले के शिक्षा विभाग ने नए भवन, नए कक्षा-कक्ष व कक्षा-कक्षों के मरम्मत के लिए सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेजे हैं. फिलहाल जर्जर मिले स्कूलों के लिए विभाग ने वैकल्पिक इतंजाम किये हैं.
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डूंगरपुर जिले के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रणछोड़ लाल डामोर ने बताया कि झालावाड स्कूल के हुए हादसे के बाद सरकार की ओर से डूंगरपुर जिले में जर्जर स्कूल भवनों के सर्वे करवाने के निर्देश मिले थे. सरकार की ओर से मिले निर्देश पर जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग ने सभी 2 हजार 252 स्कूलों का सर्वे करवाया.
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सर्वे में डूंगरपुर जिले में 209 स्कूल भवन पूर्ण रूप से जर्जर मिले है. जिसमे 183 पीएस, 16 यूपीएस व 10 स्कूल भवन सीनियर सेकेंड्री के है. इसमें सर्वाधिक जर्जर स्कूल भवन बिछीवाडा ब्लाक में 59 है जबकि डूंगरपुर जिले के साबला ब्लाक में एक भी स्कूल का भवन पूर्ण जर्जर नहीं मिला है.
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डूंगरपुर जिले के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रणछोड़ लाल डामोर ने बताया कि स्कूलों के करवाए गए सर्वे में 2 हजार 252 स्कूलों के 2 हजार 687 कमरे पूर्ण रूप से जर्जर मिले है. जबकि इन स्कूलों के 4 हजार 455 कमरे ऐसे मिले है जिनको मरम्मत की आवश्यकता है. उन्होंने बताया कि फिलहाल जो स्कूल भवन पूर्ण रूप से जर्जर मिले है. उन स्कूलों के संचालन के लिए वैकिल्पक व्यवस्था की गई है. वही सभी जर्जर स्कूल भवनों के नए निर्माण, जर्जर कमरों के निर्माण व मरम्मत योग्य कमरों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव स्थानीय स्तर से बनाकर राज्य सरकार को भेजे गए है. स्वीकृति आने के बाद इनका काम शुरू सकेगा.
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डूंगरपुर जिले के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रणछोड़ लाल डामोर ने बताया कि पूर्व झालावाड हादसे पहले डूंगरपुर शिक्षा विभाग की ओर से मरम्मत योग्य 46 स्कूलों के प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजे गए थे. सरकार की ओर से इन प्रस्तावों की प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है. जिसमे रूफ रिप्लेसमेंट, प्लास्टर, फ्लोरिंग, स्लेब चेंज, चाइना मोजेक, रूफ ट्रीटमेंट सहित कई प्रकार के कार्यो पर 3 करोड़ 95 लाख की स्वीकृति मिली है. वित्तीय स्वीकृति आने के बाद टेंडर लगाकर काम शुरू किया जायेगा.
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बहरहाल डूंगरपुर जिले में जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग की ओर से करवाए गए सर्वे की रिपोर्ट डूंगरपुर जिले के स्कूलों की स्थिति को बया कर रही है. झालावाड हादसे के बाद सरकार ने प्रदेश के सभी जिलो में इस तरह की सर्वे रिपोर्ट बनवाई है जो की सभी जिलो से सरकार को भेजी भी गई है. ऐसे में अब इतंजार सरकार की ओर से इन रिपोर्ट व प्रस्तावों पर समय पर निर्णय लेकर बजट जारी करने का है. ताकि आने वाले समय में झालावाड स्कूल जैसा हादसा प्रदेश के किसी अन्य जिले में न हो.