Alwar News: अलवर में मध्य रात्रि के बाद बारिश का दौर जारी रहा. सुबह 4:00 बजे तेज बारिश शुरू हुई जो लगातार करीब 2 घंटे चलती रही, जिससे अलवर शहर सहित ग्रामीण इलाकों में जल प्लावन जैसी स्थिति पैदा हो गई. पूरे दिन कभी तेज कभी रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा.
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alwar beauty in rain
Alwar News: अरावली की पहाड़ियों में स्थित सरिस्का के जंगलों को देखें तो सरिस्का के जंगलों से निकलने वाली कई नदियां झरने पानी से लबालब चलते रहे और आज क्योंकि बरसात के मौसम के कारण पर्यटक भी इन बहती नदियों का नजारा देखने के लिए पहुंचे.अलवर से सबसे नजदीक सरिस्का इलाका पड़ता है. इसलिए यहां चारों तरफ नदी नाले और झरने पर्यटकों को आकर्षित करते हैं.
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आज दिल्ली सहित आसपास के इलाकों से मौसम का लुत्फ़ लेने के लिए पर्यटक पहुंचे पांडुपोल. सरिस्का के आसपास का इलाका अरावली की पहाड़ियों में बसा हुआ क्षेत्र है. पांडुपोल से 2 किलोमीटर दूर सती माता का मंदिर है और इसी के पास है सिलीबेरी नदी भी है और बांध भी है.
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यह नदी सिलीबेरी गांव से निकलती है. जो सिलीबेरी बांध तक पहुंचती है. यहां देशी पर्यटक भी पहुंच रहे हैं. आज बरसात के दौर में सैकड़ो पर्यटक सिलीबेरी पहुंचे और यह बहुत रमणीक स्थान है क्योंकि पांडुपोल के नजदीक होने के कारण यहां पर्यटक पहुंच रहे हैं.
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सुबह यह नदी करीब 6 फुट चल रही थी,जो दोपहर तक आधी चली. इस नदी का पानी सीधा सिली बेरी होते हुए बांध में जाता है. जो आसपास के गांव और सिंचाई के लिए काम आता है. पिकनिक का सबसे अच्छा पॉइंट माना जाता है.
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गुड़गांव से आए पर्यटक सुनील ने बताया कि मैंने कई राज्यों और देश विदेश में पर्यटक स्थल देखे हैं लेकिन यह पर्यटक स्थल सभी को आकर्षित करता है. यहां की हरियाली तारीफ काबिल है.
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सबसे बड़ी बात है कि यहां पत्थर का इलाका है और पत्थर के पहाड़ हैं, जिससे यहां किसी भी तरीके के भूस्खलन होने का खतरा नहीं होता. महाभारत कालीन पांडुपोल स्थल यहां बना हुआ है. जहां नदी के उफान के चलते नहीं जा पाए.