Navratri 2025: आज बीकानेर में नवरात्रि के तीसरे दिन, मां चंद्रघंटा की पूजा के लिए भक्तों की भारी भीड़ मंदिरों में उमड़ी. 500 साल पुराने नागणेचीजी मंदिर में आस्था का सैलाब देखने को मिला, जहां विशेष सजावट और आयोजनों के साथ नौ दिनों तक भक्ति का माहौल रहेगा.
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नागणेचीजी मंदिर
आज पूरे बीकानेर में शारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन भक्ति और आस्था के रंग में रंगा हुआ है. इस दिन देवी दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की विधि-विधान से पूजा की गई. शहर के सभी देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा, जहां श्रद्धालु माता रानी के दरबार में हाजिरी लगाकर सुख-समृद्धि और मंगलकामना की प्रार्थना कर रहे हैं.
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आस्था का सैलाब
शहर में सबसे ज्यादा आस्था का सैलाब ऐतिहासिक नागणेचीजी मंदिर में देखने को मिला. यह मंदिर 500 साल से भी ज्यादा पुराना है और राठौड़ वंश की कुलदेवी मां नागणेचीजी को समर्पित है. नवरात्रि के अवसर पर यहां विशेष आयोजन होते हैं, जिससे भक्तों का उत्साह दोगुना हो जाता है.
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मंदिर की सजावट
मंदिर को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया है. रंग-बिरंगी रोशनियों, फूलों और भव्य झूमरों से सजे दरबार में भक्तगण भाव-विभोर नजर आ रहे हैं. यहां हर दिन विशेष भजन संध्या, दुर्गा पाठ और आरती का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग भाग ले रहे हैं.
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आस्था
भक्तों का मानना है कि नवरात्रि में मां नागणेचीजी के दर्शन मात्र से जीवन की सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं और घर-परिवार में सुख-शांति आती है. भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंधन समिति और अधिकारियों ने विशेष इंतजाम किए हैं. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और स्वयंसेवक भी तैनात हैं.
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भक्ति का माहौल
पूरे नौ दिनों तक बीकानेर शहर भक्ति और आस्था के इसी माहौल में सराबोर रहेगा, जहां श्रद्धालु दिन-रात माता के जयकारों के साथ दर्शन करते रहेंगे.