करवा चौथ पर महिलाएं क्यों सुनती है चौथ माता की कहानी? जानें पति की लंबी उम्र का रहस्य!

Edited byArti Patel
Published: Oct 10, 2025, 01:42 PM|Updated: Oct 10, 2025, 01:42 PM

Rajasthan news: एक बहन ने भाइयों के नकली चांद से व्रत तोड़ दिया, जिससे उसके पति पर संकट आया. देवी मां ने बताया, सच्ची निष्ठा से व्रत न रखने के कारण ऐसा हुआ. बहन की सच्ची भक्ति से प्रसन्न होकर देवी मां ने उसे पति का जीवनदान दिया.

करवा चौथ1/9

करवा चौथ

करवा चौथ का पर्व पति-पत्नी के प्रेम और अटूट रिश्ते का प्रतीक है, जिसे सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए मनाती हैं. चूरू सहित पूरे देश में यह पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया, जहां महिलाओं ने विशेष श्रृंगार कर चौथ माता की पूजा की और व्रत कथा सुनी.
करवा चौथ की कहानी2/9

करवा चौथ की कहानी

यह व्रत दिन भर निर्जला रखा जाता है और रात को चांद निकलने के बाद ही पूजा करके पति के हाथ से जल ग्रहण कर खोला जाता है. इस व्रत की कथा में सच्ची निष्ठा का महत्व बताया गया है.
सात भाइयों की प्रिय बहन3/9

सात भाइयों की प्रिय बहन

बहुत समय पहले, एक गांव में सात भाइयों की एक लाड़ली और सुशील बहन रहती थी, जिसका विवाह एक अच्छे घर में हुआ था. वह अपने पति के लिए हर वर्ष करवा चौथ का निर्जला व्रत रखती थी.
भाई चिंतित हुए4/9

भाई चिंतित हुए

एक करवा चौथ के दिन, दिन भर भूखी-प्यासी रहने के कारण बहन की हालत देखकर उसके सातों भाई चिंतित हो गए और वे चाहते थे कि उनकी बहन जल्द भोजन करे.
नकली चांद की योजना5/9

नकली चांद की योजना

भाइयों ने मिलकर एक योजना बनाई. उन्होंने पास के पेड़ पर चढ़कर दर्पण की मदद से रोशनी की, जिससे ऐसा आभास हुआ कि चांद निकल आया है.
व्रत भंग और पति की अस्वस्थता6/9

व्रत भंग और पति की अस्वस्थता

बहन ने अपने भाइयों की बात पर विश्वास किया और आकाश की ओर देखकर उस चमक को असली चांद समझकर व्रत खोल लिया और भोजन का पहला कौर लिया.
संदेशा आया7/9

संदेशा आया

भोजन करते ही बहन को यह बुरा संदेश मिला कि उसका पति बहुत बीमार है और बेहोश हो गया है. वह तुरंत पति के पास गई और उनकी दयनीय हालत देखकर रोने लगी.
देवी मां का प्रकटीकरण8/9

देवी मां का प्रकटीकरण

बहन की प्रार्थना पर देवी मां प्रकट हुईं और उसे सारी सच्चाई बताई कि उसने नकली चांद देखकर गलत समय पर व्रत भंग कर दिया है, इसीलिए यह अनिष्ट हुआ.
सच्ची भक्ति से मिला जीवनदान9/9

सच्ची भक्ति से मिला जीवनदान

बहन ने अपनी भूल के लिए क्षमा मांगी और संकल्प लिया कि वह वर्ष भर आने वाली सभी चतुर्थी के व्रत करेगी. जब अगला करवा चौथ आया, तो उसने पूरी निष्ठा और सच्चे मन से व्रत रखा और सही समय पर चांद देखकर व्रत खोला. उसकी सच्ची भक्ति से प्रसन्न होकर देवी मां ने उसके पति को जीवनदान दिया. तभी से यह माना जाता है कि करवा चौथ का व्रत पूरी निष्ठा, विश्वास और सही नियमों के साथ करने पर ही इसका पूरा फल मिलता है.