Dholpur News: धौलपुर में साइबर ठगों ने पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया. ठगों ने कौलारी थाना प्रभारी का मोबाइल हैक कर वॉट्सएप ग्रुप में एसबीआई योनो ऐप का फर्जी लिंक भेजा. लिंक पर क्लिक करने से कांस्टेबल अवनेश जादौन के खाते से ₹47,100 और हेड कांस्टेबल आनंद शर्मा के खाते से ₹49,500 उड़ा लिए गए. पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई है, साइबर टीम जांच में जुटी है. एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि अज्ञात APK फाइलें डाउनलोड न करें और व्हाट्सएप का ऑटो-डाउनलोड मोड बंद रखें.
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Dholpur cyber fraud
Dholpur News: साइबर ठगों ने धौलपुर जिले के दो पुलिस कांस्टेबलों को ही अपना शिकार बना लिया. पुलिस की ओर से साइबर ठगी के लिए लोगों को जागरुक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं. वहीं अब साइबर ठग पुलिसकर्मियों को ही निशाना बना रहे हैं.
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ऐसा ही मामला सामने आया धौलपुर में, जहां ठगों ने जिले में एक थाना प्रभारी के मोबाइल को हैक कर उसमें फीड नंबरों एवं पुलिस के ग्रुपों पर लिंक भेजकर दो पुलिस कर्मियों को निशाना बनाया.
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जानकारी के अनुसार, साइबर ठगों ने कौलारी थाना प्रभारी का मोबाइल हैक कर पुलिस के वॉट्सएप ग्रुप में एसबीआई योनो एप का फर्जी लिंक भेजा. इस लिंक पर क्लिक करने से दो पुलिसकर्मियों के खाते खाली हो गए, जिसमें कांस्टेबल अवनेश जादौन के खाते से 47,100 रुपयेए और हेड कांस्टेबल आनंद शर्मा के खाते से 49 हजार 500 रुपए निकाल लिए गए.
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पीड़ित पुलिसकर्मियों ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है. साइबर टीम मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी है. धौलपुर साइबर एक्सपर्ट्स ने एडवाइजरी जारी की है कि अविश्वसनीय APK फाइलें कभी डाउनलोड न करें.
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इंटरनेट या सोशल मीडिया पर शेयर की गई अज्ञात एप फाइल्स (APK) को खोलना सबसे बड़ा खतरा है. इससे हैकर्स आपके फोन का पूरा डाटा चुरा सकते हैं. व्हाट्सएप का ऑटो-डाउनलोड मोड बंद रखें. फोटो, वीडियो या अन्य फाइल्स ऑटोमेटिक डाउनलोड होती हैं तो उनमें छिपा वायरस या मालवेयर आपके फोन को संक्रमित कर सकता है.
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C-DAC हैदराबाद द्वारा विकसित M-Kavach एप को केवल गूगल प्ले स्टोर/एप्पल स्टोर से डाउनलोड करें. यह एप आपके व्हाट्सएप और फोन को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करता है.
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मामले को लेकर साइबर थाना प्रभारी मुनेश कुमार मीणा ने बताया कि किसी भी संदिग्ध मैसेज, ईमेल या ब्राउजर लिंक को खोलने से बचें.साइबर ठगी से बचने के लिए जागरुक रहने की जरूरत है, ठगी किसी के साथ भी हो सकती है. साइबर थाने में दो पुलिस कर्मियों की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है. मामले की जांच की जा रही है.