Dhanteras 2025: धनतेरस (18 अक्टूबर) पर राजस्थान में मिठाईयों (मावा कचौरी) और सजावट से बाज़ार जगमग हैं. जयपुर (जौहरी बाज़ार), जोधपुर और उदयपुर में सोना-चांदी और बर्तन खरीदने की धूम मचेगी.
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Dhanteras 2025
राजस्थान जो किलों, हवेलियों और जीवंत संस्कृति के लिए जाना जाता है, वहां दीपावली का पर्व बेहद खास और भव्यता से मनाया जाता है. पांच दिवसीय इस उत्सव का शुभारंभ धनतेरस या 'धनत्रयोदशी' के साथ होता है, जो इस साल (2025 में) 18 अक्टूबर को मनाई जाएगी.
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Dhanteras 2025
यह दिन सिर्फ खरीदारी का नहीं, बल्कि माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और धन्वंतरि जी की पूजा का भी होता है. मान्यता है कि इस शुभ अवसर पर नई वस्तुएं, विशेषकर सोना-चांदी या बर्तन खरीदना, घर में अपार धन-दौलत और समृद्धि लाता है.
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बाज़ार
राजस्थान में इस पावन पर्व पर, घर और बाज़ार दोनों ही मिठाइयों की सुगंध और सजावट के सामान की चमक से जगमगा उठते हैं.
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मिठाइयां
दीपावली के दौरान राजस्थान की रसोई में मावा (खोया) और शुद्ध घी से बनी मिठाइयां प्रमुखता से बनती हैं. पारंपरिक राजस्थानी मिठाइयों में मावा कचौरी (नमकीन कचौरी का मीठा रूप), घेवर, बालूशाही और मोहनथाल सबसे ज़्यादा लोकप्रिय हैं. इन मिठाइयों का आदान-प्रदान और भोग लगाना त्योहार का अभिन्न अंग होता है.
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बाजारों की खास रौनक
धनतेरस से ही घरों और बाज़ारों में दीये, मोमबत्तियां और सजावटी सामान की रौनक बढ़ जाती है. बाज़ारों में रंग-बिरंगी लाइटें, पारंपरिक मिट्टी के दीये, हस्तनिर्मित बंदनवार और कलात्मक रंगोली के सामान की भरमार होती है, जो पूरे राजस्थान को एक उत्सव के रंग में रंग देते हैं.
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खरीदारी के लिए प्रमुख बाज़ार
धनतेरस पर सबसे ज़्यादा भीड़ सोने-चांदी और बर्तनों की खरीदारी के लिए उमड़ती है, जिसके लिए राजस्थान के तीन प्रमुख शहरों के बाज़ार मशहूर हैं:
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जौहरी बाज़ार
गुलाबी शहर' का जौहरी बाज़ार पारंपरिक कुंदन-मीनाकारी ज्वैलरी के लिए प्रसिद्ध है, जबकि बापू बाज़ार बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए हॉटस्पॉट बना रहता है.
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नई सड़क
यहां की नई सड़क (Nai Sarak) पारंपरिक चांदी के गहनों और बर्तनों की खरीदारी का मुख्य केंद्र है.
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बड़ा बाज़ार
'झीलों के शहर' का बड़ा बाज़ार अपनी चांदी की कारीगरी और हस्तशिल्प की वस्तुओं के साथ खरीदारी की एक बेस्ट जगह है.