Khatu Shyam Ji: राजस्थान के सीकर में स्थित बाबा खाटू श्याम जी के मंदिर में रोजाना भक्त पहुंचकर अपनी मनोकामना मांगते हैं. ऐसे में बाबा के कई भक्त ऐसे भी हैं, जोकि बिना किसी इच्छा के सच्चे दिल से भक्ति में लीन रहते हैं. ऐसी ही बाबा के एक भक्त को कलयुग की मीरा भी कहा जाता है.
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अगर आप कभी खाटू श्याम के दर्शन के लिए राजस्थान गए हैं, तो आपने अजमेर की रहने वाली आरती टाक का नाम जरूर सुना होगा. लोग उन्हें श्रद्धा से "कलयुग की मीरा" कहते थे. एक ऐसी भक्त जिन्होंने करीब 14 सालों तक लगातार पदयात्रा करते हुए बाबा श्याम के दरबार में हाजिरी लगाई.
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आरती सिर्फ पैदल चलने वाली भक्त नहीं थीं, बल्कि उन्होंने हर साल खाटू पहुंचकर निशान चढ़ाने का भी संकल्प लिया हुआ था. ये सिलसिला कभी रुका नहीं — चाहे मौसम कैसा भी हो, हालात जैसे भी हों.
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आरती ने दो साल पहले तब खूब चर्चा बटोरी थी जब उन्होंने देवउठनी एकादशी तक बाबा के दरबार में 5100 निशान चढ़ाने का प्रण लिया था. कभी 21, तो कभी 51 निशान लेकर वे अकेले ही निकल पड़ती थीं. उन्होंने अपनी मृत्यु से पहले 25,000 से ज्यादा निशान खाटू श्याम को अर्पित किए थे.
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आपको बता दें कि साल 2012 में आरती ने अजमेर के जेएलएन अस्पताल में नौकरी शुरू की थी, लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और खुद को पूरी तरह भक्ति में समर्पित कर दिया.
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आरती की लोकप्रियता इतनी थी कि लोग उनके खाने-पीने, रहने और यात्रा का सारा इंतज़ाम खुद कर देते थे. जब वो दर्शन करके लौटतीं, तो बस वाले उनसे किराया तक नहीं लेते थे. वो सचमुच सेवा और श्रद्धा की एक मिसाल बन चुकी थीं.
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आज भी बाबा के भक्तों के द्वारा कलयुग की मीरा के बलिदान को श्रद्धांजलि देते हैं. आपको बता दें कि आरती की मृत्यु बाबा के लिए निशान लेते जाते वक्त एक सड़क हादसे के कारण हो गई थीं.