Jaipur Per Capita Income: जयपुर की प्रति व्यक्ति आय ($3,000–$3,500) दुनिया के कई देशों से अधिक है. बुरुंडी, दक्षिण सूडान, अफगानिस्तान, नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश जैसे करीब 20 देश ऐसे हैं जिनकी प्रति व्यक्ति आमदनी जयपुर से कम है, जिससे जयपुर की आर्थिक स्थिति मजबूत साबित होती है.
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जयपुर
जयपुर, जिसे पिंक सिटी कहा जाता है, न केवल राजस्थान की राजधानी है, बल्कि आर्थिक रूप से भी भारत के प्रमुख शहरों में गिना जाता है. जयपुर की प्रति व्यक्ति वार्षिक आय लगभग ₹2.5 लाख से लेकर ₹3 लाख के बीच मानी जाती है, जो डॉलर में करीब $3,000 से $3,500 होती है (मान लीजिए $1 = ₹83 के हिसाब से).
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किन-किन देशों से ज्यादा कमाता है जयपुर
विश्व बैंक, IMF और UNDP जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के डेटा के अनुसार, दुनिया के कई देश ऐसे हैं जहां के लोगों की औसतन सालाना कमाई जयपुर के एक आम नागरिक से भी कम है. उदाहरण के तौर पर, बुरुंडी में प्रति व्यक्ति आय सिर्फ $250 यानी लगभग ₹20,750 है. दक्षिण सूडान की औसत आमदनी $300 यानी ₹24,900 है. मलावी में यह आंकड़ा $400 या करीब ₹33,200 के आस-पास है,
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लिस्ट में बाकी नाम
इसी तरह मेडागास्कर में प्रति व्यक्ति आय $500 यानी ₹41,500, अफगानिस्तान और नाइजर दोनों की आय $550 यानी ₹45,650 के करीब है. सीरिया और सिएरा लियोन में यह आय $600 यानी ₹49,800 है. अगर हम थोड़ा ऊपर जाएं तो यमन और लाइबेरिया जैसे देशों में प्रति व्यक्ति आय $700 यानी ₹58,100 है.
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पाकिस्तान से भी ज्यादा कमाते हैं जयपुर के लोग
इसके अलावा, तोगो ($900 या ₹74,700), चाड ($1,000 या ₹83,000), और नेपाल ($1,200 या ₹99,600) जैसे देश भी जयपुर के मुकाबले काफी पीछे हैं. रवांडा की प्रति व्यक्ति आमदनी करीब $1,300 यानी ₹1,07,900 है. हाइती $1,400 (₹1,16,200), इथियोपिया और पाकिस्तान करीब $1,500 (₹1,24,500), और गिनी $1,600 यानी ₹1,32,800 के स्तर पर हैं. म्यांमार और बांग्लादेश की आमदनी भी $2,300 से कम है, जो जयपुर की तुलना में काफी नीचे बैठती है.
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कई देशों से है समृद्ध
ये आंकड़े यह दिखाते हैं कि अकेला जयपुर शहर भी कई देशों से अधिक समृद्ध है. यहां का एक आम निवासी भी साल भर में इतनी कमाई करता है, जितनी कुछ देशों के लोग दो या तीन साल में भी नहीं कर पाते. इसके पीछे कई कारण हैं – जैसे भारत की आर्थिक स्थिति में सुधार, शहरीकरण, टूरिज़्म, और जयपुर में मौजूद व्यापार और औद्योगिक अवसर.
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आमदनी का मतलब सिर्फ पैसे नहीं
यह समझना ज़रूरी है कि इन देशों में कम आमदनी का मतलब सिर्फ पैसे की कमी नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी सेवाओं और रोजगार के अभाव की भी कहानी है. जहां जयपुर जैसे शहरों में मेट्रो, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, और मल्टीनेशनल कंपनियां मौजूद हैं, वहीं इन देशों में राजनीतिक अस्थिरता, युद्ध, और आर्थिक अव्यवस्था ने विकास की रफ्तार को रोक दिया है.
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Disclaimer
प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. Zee Rajasthan इसकी पुष्टि नहीं करता है. इसी के साथ आपको बता दें कि जयपुर भारत के विकसित शहरों में से एक है, जिसकी आर्थिक स्थिति औसत से ऊपर है. ये आंकड़े अंतर्राष्ट्रीय संगठनों (IMF, World Bank आदि) के अनुमानित डेटा पर आधारित हैं.