Rajasthan Quiz: राजस्थान में सबसे उपजाऊ जमीन श्रीगंगानगर की है, जिसे अन्न का कटोरा कहा जाता है. यहां जलोढ़ मिट्टी और नहरों की सिंचाई से गेहूं-कपास की भरपूर पैदावार होती है. हाड़ौती क्षेत्र भी काली मिट्टी और चंबल नदी के कारण धान-सोयाबीन उत्पादन में अग्रणी है.
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राजस्थान
राजस्थान को आमतौर पर रेगिस्तानी राज्य के रूप में जाना जाता है, लेकिन यहां कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां बेहद उपजाऊ भूमि पाई जाती है. सिंचाई की सुविधाओं और मिट्टी की गुणवत्ता ने इन इलाकों को खेती-किसानी का प्रमुख केंद्र बना दिया है.
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सबसे उपजाऊ जगह
इसमें सबसे पहला नाम श्रीगंगानगर जिले का आता है, जिसे राजस्थान का अन्न का कटोरा कहा जाता है. यहां की जलोढ़ मिट्टी बहुत उपजाऊ है और नहरों से मिलने वाली भरपूर सिंचाई इस क्षेत्र को कृषि उत्पादन में अग्रणी बनाती है.
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कारण
गंगनहर के कारण यहां गेहूं, जौ, कपास और दालों की पैदावार पूरे राज्य में सबसे अधिक होती है. यही वजह है कि श्रीगंगानगर राजस्थान की सबसे उपजाऊ भूमि का घर माना जाता है.
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दूसरे स्थान पर
इसके बाद राजस्थान के पूर्वी जिले जैसे भरतपुर, धौलपुर, अलवर और करौली आते हैं. यहां की दोमट और जलोढ़ मिट्टी गन्ना, सरसों, चना और गेहूं की अच्छी पैदावार देती है. सिंचाई सुविधाओं और उपजाऊ मिट्टी के कारण यह क्षेत्र भी कृषि के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है.
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हाड़ौती क्षेत्र भी नहीं कम
राजस्थान की उपजाऊ भूमि की चर्चा हाड़ौती क्षेत्र के बिना अधूरी है. कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ को मिलाकर बनने वाले इस क्षेत्र में मुख्य रूप से काली कपासीय मिट्टी पाई जाती है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यह नमी को लंबे समय तक रोककर रखती है, जिससे फसलें अच्छी तरह फलती-फूलती हैं.
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नदी
यही कारण है कि यहां सोयाबीन, धान, गेहूं और गन्ने जैसी फसलें बड़े पैमाने पर उगाई जाती हैं. चंबल नदी और उसकी सहायक नदियों कालीसिंध और पार्वती ने इस क्षेत्र को और भी अधिक उपजाऊ बना दिया है.
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उपनाम
राजस्थान भले ही रेगिस्तानी राज्य हो, लेकिन सिंचाई की सुविधाओं और उपजाऊ मिट्टी के कारण यहां श्रीगंगानगर को अन्न का कटोरा और हाड़ौती को धान व सोयाबीन का हब कहा जाता है. ये क्षेत्र न केवल राज्य की बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं.
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Disclaimer
प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. Zee Rajasthan इसकी पुष्टि नहीं करता है.