Do You Know: राजस्थान की महिलाएं हाथों में 21 से ज्यादा चूड़ियां क्यों पहनती हैं?

Do You Know: राजस्थान में महिलाओं के हाथों में 21 से ज्यादा चूड़ियां पहनना सिर्फ श्रृंगार का हिस्सा नहीं, बल्कि परंपरा और आस्था से जुड़ा प्रतीक है. माना जाता है कि ये चूड़ियां सुहाग, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक होती हैं. लाल, हरी और पीली चूड़ियां सौभाग्य, प्रेम और ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती हैं. साथ ही यह रीति राजस्थान की नारी शक्ति और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है, जहां हर रंग और ध्वनि में एक परंपरागत कहानी छिपी है.
 

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Do You Know

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Do You Know: राजस्थान की परंपराएं न केवल रंग-बिरंगी हैं, बल्कि हर रिवाज के पीछे एक गहरा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अर्थ छिपा होता है. ऐसा ही एक दिलचस्प रिवाज है- राजस्थान की विवाहित महिलाओं द्वारा हाथों में 21 या उससे अधिक चूड़ियां पहनना.
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Rajasthani customs

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राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में चूड़ियों को सिर्फ श्रृंगार का हिस्सा नहीं, बल्कि सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. माना जाता है कि जितनी अधिक चूड़ियां महिला पहनती है, उतना ही उसके पति का जीवन लंबा और दांपत्य जीवन सुखी रहता है. यही वजह है कि शादी के बाद महिलाएं लाल, हरे, सफेद या हाथी दांत (आइवरी) की चूड़ियों से अपने हाथ भर लेती हैं.