Eklingji Mahadev Mandir: राजस्थान का हर शहर अपने आप में एक कहानी है. जहां लोग सिर्फ घूमने के लिए नहीं बल्कि आस्था के साथ मंदिरों में भी दर्शन करने के लिए आते हैं. ऐसा ही एक खास शहर है उदयपुर. जहां पर सावन के पावन माह में आप परिवार के साथ एकलिंगजी महादेव मंदिर दर्शन करने के लिए जा सकते हैं.
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राजस्थान के उदयपुर शहर से करीब 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एकलिंगजी मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. ‘एकलिंग’ नाम ही भगवान शिव के एक विशेष रूप को दर्शाता है. यह मंदिर वर्षों से श्रद्धालुओं की भक्ति का केंद्र रहा है और इसकी भव्यता आज भी उतनी ही प्रभावशाली है.
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इस मंदिर की स्थापना का उल्लेख करीब 734 ईस्वी में मिलता है, जब मेवाड़ के महान शासक बप्पा रावल ने इसकी नींव रखी थी. कहा जाता है कि मंदिर की वर्तमान मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा 15वीं सदी में महाराणा रायमल द्वारा की गई थी. मंदिर का शिवलिंग काले पत्थर से बना है और इसे चार मुखों वाला माना जाता है.
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एकलिंगजी महादेव मंदिर दो मंजिला है और इसके मुख्य द्वार पर भगवान शिव के वाहन नंदी जी की सुंदर मूर्ति स्थापित है. नंदी की मूर्तिकला इतनी बारीकी से गढ़ी गई है कि देखने वाला देखता ही रह जाता है. प्रवेश द्वार के पास चांदी से बनी एक सर्प की आकृति और भगवान गणेश और कार्तिकेय की मूर्तियां भी हैं, जो अपने पिता की सेवा में सदैव तत्पर नजर आती हैं.
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एकलिंगजी के अलावा यहां देवी यमुना और सरस्वती की भी मूर्तियां स्थापित हैं. उत्तर दिशा में दो पवित्र कुंड हैं. जिनका नाम कर्ज कुंड और तुलसी कुंड है. ये दोनों कुंड मंदिर परिसर की आध्यात्मिकता को और गहरा बना देते हैं.
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मंदिर में दर्शन के लिए आप सुबह 4 बजे से शाम 7:30 बजे तक जा सकते हैं. इसी के साथ ही आप आरती में भाग लेने के लिए निम्नलिखित समय मंदिर जा सकते हैं. पहली आरती: सुबह 5:30 बजे, दूसरी आरती: सुबह 8:15 बजे, तीसरी आरती: सुबह 9:15 बजे, दोपहर आरती: 11:30 बजे, अपराह्न आरती: 3:30 बजे, शाम की आरती: 4:30 और 5:00 बजे और अंतिम आरती: 6:30 बजे होती है.
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एकलिंगजी मंदिर तक पहुंचना बेहद आसान है. उदयपुर से आप बस, टैक्सी या प्राइवेट वाहन से आसानी से वहां पहुंच सकते हैं. नजदीकी एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन भी उदयपुर में ही हैं, जिससे मंदिर तक का सफर बेहद सहज हो जाता है.
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यह मंदिर केवल शिवभक्तों की श्रद्धा का केंद्र नहीं, बल्कि मेवाड़ की संस्कृति, वास्तुकला और ऐतिहासिक संघर्षों का भी प्रतीक है. अगर आप कभी उदयपुर जाएं, तो एकलिंगजी मंदिर जरूर जाएं. क्योंकि यहां सिर्फ ईश्वर के दर्शन नहीं होते, यहां आत्मा को शांति मिलती है.
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