Do You Know: आजकल राजनीति में सांसद निधि (MPLADS) का मुद्दा काफी चर्चा में रहता है. कई बार आरोप लगते हैं कि सांसद अपने क्षेत्र की बजाय कहीं और पैसा लगा रहे हैं. लेकिन अच्छी बात यह है कि अब आम नागरिक खुद ऑनलाइन चेक कर सकता है कि उसके इलाके के सांसद ने कितना पैसा खर्च किया, किस काम पर लगाया और काम पूरा हुआ या नहीं. यह सारी जानकारी सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है, और इसे देखना बहुत आसान है.
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सांसद निधि योजना 1993 से चल रही है. इसके तहत हर लोकसभा सांसद को सालाना 5 करोड़ रुपये और राज्यसभा सांसद को भी इतनी ही राशि मिलती है. यह पैसा स्थानीय विकास के लिए होता है – जैसे सड़कें बनवाना, स्कूल-हॉस्पिटल में सुविधाएं बढ़ाना, पानी की व्यवस्था या पार्क बनाना. लेकिन अब पारदर्शिता के लिए सरकार ने सब कुछ ऑनलाइन कर दिया है.
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ऑनलाइन चेक करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
सबसे पहले ब्राउजर में mplads.gov.in टाइप करें और वेबसाइट खोलें. होमपेज पर आपको कई विकल्प दिखेंगे. ऊपर की तरफ "Reports" या "Public Reports" सेक्शन में जाएं. वहां "MP-wise Works" या "Constituency-wise Status" का लिंक मिलेगा.
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अब फॉर्म भरें:
सबसे पहले चुनें कि सांसद लोकसभा का है या राज्यसभा का. फिर राज्य चुनें, जैसे राजस्थान. उसके बाद सांसद का नाम ड्रॉपडाउन में से सिलेक्ट करें. वित्तीय वर्ष चुनें, जैसे 2023-24 या 2024-25. सबमिट बटन दबाएं.
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हर कार्य के सामने लिखा होगा
कार्य का नाम और विवरण (जैसे "गांव में सामुदायिक भवन निर्माण"). स्वीकृत राशि कितनी थी. कितना पैसा खर्च हुआ. कार्य की वर्तमान स्थिति – पूरा हुआ, चल रहा है या रुका हुआ. सबसे महत्वपूर्ण, कार्य का स्थान – गांव, ब्लॉक, जिला और राज्य. यहीं से पता चल जाएगा कि पैसा अपने क्षेत्र में लगा या कहीं बाहर. अगर कोई कार्य हरियाणा या किसी दूसरे राज्य में दिखे, तो आप स्क्रीनशॉट लेकर शिकायत कर सकते हैं.
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नया पोर्टल और मोबाइल ऐप
हाल ही में सरकार ने MPLADS के लिए नया पोर्टल "e-SAKSHI" लॉन्च किया है. यहां जानकारी और भी विस्तृत और अपडेटेड रहती है. आप मोबाइल पर भी e-SAKSHI ऐप डाउनलोड करके लोकेशन के आधार पर नजदीकी कार्य देख सकते हैं. ऐप में फोटो और प्रोग्रेस रिपोर्ट भी अपलोड होती है, जिससे आम लोग खुद निगरानी कर सकते हैं.
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अगर ऑनलाइन जानकारी नहीं मिले तो क्या करें?
कभी-कभी वेबसाइट पर डेटा थोड़ा लेट अपडेट होता है. ऐसे में आप RTI दाखिल कर सकते हैं. जिला कलेक्टर को आवेदन लिखें और पूछें कि फलां सांसद ने किस-किस कार्य पर कितना खर्च किया और स्थान क्या है. RTI में आप दस्तावेजों की प्रमाणित कॉपी भी मांग सकते हैं.
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इस तरह की पारदर्शिता से जनता का विश्वास बढ़ता है और सांसद भी जवाबदेह बनते हैं. अगर आपको लगता है कि आपके इलाके में विकास नहीं हो रहा, तो आज ही वेबसाइट खोलकर चेक करें और जरूरत पड़े तो आवाज उठाएं. आखिर यह पैसा आपकी मेहनत की कमाई से आता है.