Barmer News: बाड़मेर में एक गरीब युवक को अपनी बीमार गर्भवती पत्नी को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस न मिलने पर ठेलेनुमा साइकिल रिक्शा का सहारा लेना पड़ा. महिला गंभीर हालत में धूप में तड़पती रही जबकि पति और परिवारजन ठेले को कई किलोमीटर तक धकेलते रहे.
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Painful scene in Barmer
Barmer News: जिले से बुधवार को एक ऐसा नज़ारा सामने आया, जिसने विकास के दावों की पोल खोल दी. शहर के मुख्य मार्ग पर एक गरीब युवक अपनी बीमार गर्भवती पत्नी को अस्पताल ले जाने के लिए मजबूरी में ठेलेनुमा साइकिल रिक्शा का सहारा लेता नजर आया.
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Painful scene in Barmer
परिजनों का कहना है कि उन्होंने 108 एंबुलेंस सेवा को फोन किया था लेकिन मदद समय पर नहीं पहुंची. मजबूरी में परिवार के लोगों ने बीमार महिला को ठेले पर लिटाया और तपती धूप में कई किलोमीटर तक धकेलते हुए अस्पताल पहुंचे.
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Painful scene in Barmer
गर्भवती महिला की हालत गंभीर थी. सड़क पर गुजरते लोगों ने यह दर्दनाक दृश्य देखा कि कैसे महिला ठेले पर तड़प रही थी और उसका पति उसे धकेलकर अस्पताल की ओर ले जा रहा था. इस दौरान घर की एक अन्य महिला भी ठेले को धक्का देती नजर आई.
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Painful scene in Barmer
सबसे दर्दनाक यह रहा कि सड़क पर यह दृश्य देखते हुए भी राहगीरों ने मदद का हाथ बढ़ाने की जरूरत नहीं समझी. किसी ने उन्हें लिफ्ट नहीं दी और न ही अस्पताल तक पहुंचाने का प्रयास किया. मजबूर परिवार अकेले ही इस कठिन सफर को झेलता रहा.
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Painful scene in Barmer
21वीं सदी में जब सरकारें स्वास्थ्य सेवाओं और विकास की बड़ी-बड़ी बातें करती हैं, वहीं बाड़मेर की यह तस्वीर व्यवस्था की हकीकत बयां करती है. एंबुलेंस सेवा की नाकामी और आम लोगों की संवेदनहीनता ने मिलकर एक गरीब परिवार की पीड़ा को और गहरा कर दिया.